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बंद पड़े 634 उद्योगों को फिर से चालू किया जायेगा, नयी नीति से पांच लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य: पूजा सिंघल

  • इलेक्ट्रॉनिक व्हेकिल मैन्युफैक्चरिंग के लिए 206 बिलियन यूएस डॉलर का निवेश का लक्ष्य
  • मुख्य फोकस एग्रो फूड, इलेक्ट्रॉनिक व्हेकिल इंडस्ट्रीज, फार्मास्यूटिकल उद्योगों को बढ़ावा देने में
  • नयी उद्योग नीति के लिए स्टेकहोल्डर्स मीट का आयोजन

Ranchi : सरकार की दूसरी वर्षगांठ के पहले तक बंद बड़े उद्योगों को खोलना है. विभाग इस दिशा में काम कर रहा है. मुख्यमंत्री की ओर से विभाग को निर्देश दिया गया है. ऐसे उद्योगों की संख्या 634 है, जिन्हें विभाग ने चिन्हित किया है.

नये निवेश से ज्यादा जरूरी है कि पुराने निवेश को बढ़ावा मिले. ये बातें उद्योग सचिव पूजा सिंघल ने कहीं. वे सोमवार को इंडस्ट्रीयल पॉलिसी 2021 के लिए आयोजित स्टेक होल्डर्स मीट को संबोधित कर रही थीं.

उन्होंने कहा कि इस पॉलिसी में स्वास्थ्य, शिक्षा, इलेक्ट्रॉनिक व्हेकिल मैन्युफैक्चरिंग समेत अन्य सेक्टरों में फोकस किया गया है. पॉलिसी से अलग तीन बॉडी गठित की जायेंगी. झारखंड इंवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड से उद्योग लाइसेंस, फॉरेस्ट क्लियरेंस आदि दिया जायेगा.

वहीं स्टेट एक्सपोर्ट प्रमोशन बोर्ड का गठन किया जाये. जिससे राज्य में गुड्स एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिले. सचिव ने कहा कि आने वाले 31 मार्च तक ये गठन हो जाने हैं.

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नयी नीति से पांच लाख रोजगार सृजन

पूजा सिंघल ने बताया कि नयी नीति से पांच लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है. साल 2016 की पॉलिसी से 2021 की पॉलिसी में कई बदलाव किय गये है. ये बदलाव अनुदान पर हैं. उन्होंने बताया कि पॉलिसी के तहत किसी भी जिले में पहली दो यूनिट होने पर पांच फीसदी सब्सिडी सरकार देगी.

नीति लागू होने के दो साल में लगने वाले उद्योगों को 10 फीसदी अतिरिक्त अनुदान सरकार देगी. मध्यम उद्योगों के लिए 20 फीसदी की जगह 25 फीसदी अनुदान मिलेगी. जो 30 करोड़ रुपये तक होगी. वृहत उद्योगों के लिए भी अनुदान राशि इतनी ही होगी. जो 2016 की नीति के तहत 20 करोड़ का प्रावधान है.

अलग-अलग विभागों के साथ मिल कर काम करें

पूजा सिंघल ने इस दौरान कहा कि झारखंड इंवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड के तहत अलग-अलग विभागों के साथ मिल कर काम करना है. उम्मीद है अधिक से अधिक काम 31 मार्च तक पूरे हो जायें. पॉलिसी में इंप्लिमेंटशन को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं.

उन्होंने कहा कि उम्मीद है इस पॉलिसी के साथ ऐसा न हो. विभाग से सख्ती से और उद्योगों की सहूलियत के अनुसार काम करेगा. उन्होंने बताया कि झारखंड इंवेस्टमेंट एंड इंडस्ट्रियल प्रमोशन पॉलिसी मदर पॉलिसी होगी. जिसे प्लास्टिक, टेक्सटाइल, मैन्यूफैकचरिंग सभी सेकटर को ध्यान में रख कर बनाया गया है.

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इलेक्ट्रॉनिक व्हेकिल में 206 बिलियन डॉलर निवेश का लक्ष्य

निदेशक जीतेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पॉलिसी का मुख्य फोकस एग्रो फूड, इलेक्ट्रॉनिक, व्हेकिल इंडस्ट्रीज, फार्मास्यूटिकल के लिए अलग से प्रावधान है. जो पॉलिसी के नये फीचर हैं.

उन्होंने बताया कि राज्य में इलेक्ट्रॅनिक व्हेकिल के लिए 206 बिलियन यूएस डॉलर निवेश का लक्ष्य रखा गया है. जो आनेवाले साल में 280 बिलियन होने की संभावना है. उद्योगों के लिए बिजली सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है.

ऐसे में चतरा में जल्द ही एनटीपीसी की ईकाई शुरू होनेवाली है. वहीं अन्य कंपनियों की ईर्काइयां भी शुरू होंगी. जिससे बिजली की समस्या का निदान होगा.

कितने एकड़ में कहां-कहां एरिया

इस दौरान अलग-अलग उद्योगों के पार्क की जानकारी दी गयी. फार्मास्यूटिकल पार्क 35 एकड़ में बरही, चान्हो और बिजुपाड़ा में बन कर तैयार है. प्लास्टिक पार्क का काम लगभग पूरा है.

जो देवघर में 93 एकड़ में बन रहा है. इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर आदित्यपुर में बनेगा. इसके लिए 82.49 एकड़ जमीन, लेदर पार्क के लिए 34 एकड़ जमीन है.

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