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दुगनी बराज योजना से 669 हेक्टेयर कृषि भूमि हो सकेगी सिंचित : मुख्यमंत्री

सरायकेला के दुगनी में संजय नदी पर 95.43 करोड़ की लागत से बननेवाली बराज योजना का शिलान्यास

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Saraikela : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सरायकेला स्थित दुगनी में संजय नदी पर जल संसाधन विभाग द्वारा 95.43 करोड़ की लागत से बनायी जानेवाली बराज योजना का शिलान्यास किया. इस मौके पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि इस योजना पूर्ण होने से न केवल क्षेत्र की फसलें लहलहायेंगी, बल्कि यह इलाका आर्थिक समृद्धि की ओर अग्रसर होगा. योजना का निर्माण वर्ष 2021 तक पूरा कर लिया जायेगा. उन्होंने कहा कि परियोजना से 413 हेक्टयर खरीफ और 256 हेक्टेयर रबी फसल (कुल 669 हेक्टेयर भूमि) कृषि भूमि पर सिंचाई होना संभव हो पायेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस परियोजना के माध्यम से केवल खेतों की सिंचाई ही नहीं करना चाहती है, बल्कि पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति करना भी उद्देश्य है.

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एक सप्ताह के अंदर काम शुरू करने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि किसी की भूमि को इस योजना में नहीं लिया जाये. उन्होंने संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि एक सप्ताह के अंदर कार्य आरंभ करवा दें. साथ ही कार्य की गुणवत्ता का भी ध्यान रखें. उन्होंने अधिकारियों को समय-समय पर योजना से जुड़े कार्यों की जानकारी देने का निर्देश दिया. मौके पर जल संसाधन एवं स्वच्छता विभाग मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी, सांसद लक्ष्मण गिलुवा, खरसावां विधायक दशरथ गगरई, ईचागढ़ विधायक साधुचरण महतो, जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, कोल्हान के प्रमंडलीय आयुक्त विजय कुमार सिंह, उपायुक्त, एसपी व अन्य उपस्थित थे.

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सीएम बोले- जल प्रबंधन की दिशा में प्रयत्नशील है सरकार

शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 60 प्रतिशत जनता गांव में निवास करती है, जो कृषि पर अधिक निर्भर है. ऐसे में जल प्रबंधन सिंचाई और पेयजल के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है. सरकार जल प्रबंधन की दिशा में प्रत्यनशील है. भाजपा ने राज्य गठन के बाद से ही सिंचाई हेतु मध्यम और लघु योजनाओं पर ध्यान दिया है. मध्यम सिंचाई योजना के तहत कोडरमा, डहरवाली, बुढई जैसी जगहों पर करीब 1058 करोड़ की लागत से कार्य शुरू किया गया है. वहीं, लघु सिंचाई योजना के तहत 931 करोड़ की योजना की स्वीकृति दी गयी है. साथ ही, 26 नयी योजनाओं पर कार्य हो रहा है. जल संकट झेल रहे पलामू में सोन और कनहर नदी से जलापूर्ति हेतु 1064 करोड़ रुपये की लागत से कार्य जल्द आरंभ होगा.

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नवंबर तक सरायकेला का हर घर होगा विद्युतीकृत

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 2018 के अंत तक राज्य के सभी घरों तक बिजली पहुंचा दी जाये. वर्तमान में दो जिलों को पूर्ण रूप से विद्युतीकृत किया जा चुका है. नवंबर तक सरायकेला के सभी घरों तक बिजली पहुंचा देने का लक्ष्य निर्धारित है. मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड इकलौता राज्य है, जहां उज्ज्वला योजना के तहत चूल्हा मुफ्त दिया जा रहा है. केंद्र की आयुष्मान भारत योजना से जहां 28 लाख लोगों को योजना का लाभ मिल पाता, वहीं सरकार ने राज्य कोष से 400 करोड़ रुपये प्रदान कर करीब 57 लाख लोगों को योजना का लाभ दिया है.

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गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु शिक्षकों की बहाली जल्द

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विकास के लिए भी प्रयासरत है. करीब 38 हजार स्कूलों में बेंच और डेस्क की व्यवस्था की गयी है. 18 हजार हाई स्कूल शिक्षकों की बहाली नवंबर तक पूरी की जायेगी. उन्होंने कहा कि सरकार ने स्थानीय नीति तय कर करीब एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की है. इनमें करीब 95 प्रतिशत स्थानीय युवा शामिल हैं. महिलाओं को 90 प्रतिशत अनुदान पर दो गायें उपलब्ध करायी जा रही हैं, ताकि वे स्वावलंबन की ओर अग्रसर हो सकें.

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