Ranchi

सीएम की चिट्ठी के 6 महीने बाद भी नगर विकास विभाग ने विद्युत शवदाहगृह ‘मुक्ति’ संस्‍था को नहीं सौंपा

Ranchi:  नगर विकास विभाग के पास सीएम की चिट्ठी जाने के बाद भी विभाग में किसी तरह की कोई हरकत नहीं होती. छह-छह महीने तक मामला दबा कर रख लिया जाता है. इस वजह से लोगों को परेशानी होती है, विभाग को उस बात की भी शायद फिक्र नहीं.

राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने 28 फरवरी को मुख्यमंत्री सचिवालय को एक पत्र लिखा. पत्र में उन्होंने लिखा कि राजधानी रांची के हरमू घाट के पास निर्मित विद्युत शवदाह गृह निर्माण काफी पहले हुआ है. लेकिन, इसका उपयोग नहीं हो रहा है. कई सालों तक इसका उपयोग और रखरखाव नहीं होने की वजह से दोबारा इसका उपयोग शुरू करने के लिए काफी मरम्मत कराने की जरूरत है.

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तय करें बिजली बिल

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सांसद महेश पोद्दार ने अपने खत में लिखा कि इस बात से आप सहमत होंगे कि सामाजिक एवं पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से पारंपरिक तरीके की तुलना में विद्युत शवदाह गृह के माध्यम से शव का अंतिम संस्कार ज्यादा उपयुक्त है. अब तो काफी हद तक इस प्रक्रिया को सामाजिक मान्यता भी प्राप्त हो गई है. सामाजिक संस्था ‘मुक्ति’ को जो कई सालों से लावारिस शवों के अंतिम संस्कार का काम कर रही है. सरकार का आदेश प्राप्त होने पर इस जिम्मेवारी का निर्वहन करने के लिए विद्युत शवदाह गृह के नियमित एवं सुचारु संचालन के लिए तैयार है.

अपने खत में सांसद महेश पोद्दार ने लिखा है कि मुझे पता चला है कि विद्युत शवदाह गृह के नाम पर बिजली बिल की राशि बकाया है. मुक्ति संस्थान के लिए उस बकाया राशि का भुगतान संभव नहीं हो पाएगा. लेकिन, यदि न्यूनतम मासिक दर पर बिजली उपलब्ध कराई जाये तो यह संस्था उसका नियमित भुगतान करते हुए विद्युत शवदाह गृह संचालन के लिए तैयार है.

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27 मार्च को सीएम की चिट्ठी सांसद को मिली

राज्यसभा सांसद की चिट्ठी लिखे जाने के बाद करीब एक महीना के बाद सीएम का जवाब सांसद को आया. सीएम सचिवालय की तरफ से आयी चिट्ठी में लिखा गया कि आपकी बात को संज्ञान में लेने के बाद संबंधित विभाग को उचित कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है.

बताते चलें कि संबंधित विभाग नगर विकास विभाग है. जहां सीएम की चिट्ठी के पहुंचने के पांच महीने बाद भी मामले को लेकर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गयी.

विभाग को विद्युत शवदाह गृह देने में कोई दिक्कत नहीं: सचिव

न्यूज विंग संवाददाता से बात करते हुए नगर विकास विभाग के सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि मामले को लेकर विभाग गंभीर है. नगर निगम को विद्युत शवदाह गृह का मरम्मत कराने को कहा गया है. उन्‍होने कहा कि अगर मुक्ति संस्था विद्युत शवदाह गृह लेने को तैयार है तो विभाग को शवदाह गृह सौंपने में कोई परेशानी नहीं है. विभाग भी चाहता है कि विद्युत शवदाह गृह से समाज और पर्यावरण को फायदा हो.

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