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6 लाख रुपया है विधानसभा अध्यक्ष के बंगले का सालाना बिल, तीन साल से नहीं भरा, बढ़कर  बिल हुआ 17.22 लाख रुपया

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Ranchi: विधानसभा अध्यक्ष के बंगले का बिल बिजली विभाग के लिए सिरदर्द बना हुआ है. बिजली विभाग के अधिकारी मंथन में लगे हैं कि आखिर बंगले का बिल इतना ज्यादा कैसे हो गया. बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिल 17.22 लाख रुपए का हो गया है. विधानसभा के अधिकारियों ने बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ बिल को लेकर एक बैठक की. बैठक में बिजली विभाग के अधिकारियों को विधानसभा के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि बिल जल्द ही चुका दिया जायेगा.

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तीन साल से किसी ने बिल ही नहीं भरा

झारखंड में 2014 के विधानसभा चुनाव के बाद सिसई से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दिनेश उरांव को झारखंड विधानसभा के स्पीकर बनाया गया. 15 जनवरी को उन्होंने बतौर विधानसभा अध्यक्ष कुर्सी संभाली. इधर बिजली विभाग का कहना है कि 2014 के कुछ महीनों का बिल ही विधानसभा ने भुगतान किया है. बीते तीन साल से विधानसभा की तरफ से किसी तरह का कोई बिल भुगतान नहीं किया गया है. धीरे-धीरे बिल बढ़ते हुए 17.22 लाख रुपया पहुंच गया. यानि इस बात से यह भी साबित होता है कि बंगले का सालाना बिल करीब छह लाख का है. यानि हर महीने औसतन 50,000 रुपये.

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बिल गलत नहीं है, मीटर भी सही है

बिल का 17.22 लाख रुपए पहुंच जाने से विधानसभा और बिजली विभाग हरकत में है. पहले विधानसभा की तरफ से बिजली विभाग पर आरोप लगाया गया कि बिल सही नहीं है. आरोप के बाद बिजली विभाग के कर्मियों ने बिल का जायजा लिया. अब विभाग का कहना है कि मीटर और बिजली के लगे तमाम उपकरण सहीं हैं और सही तरीके से रीडिंग भी कर रहे हैं. इसी जांच के क्रम में पता चला कि तीन साल से तो बिजली बिल का भुगतान हुआ ही नहीं है. इसलिए बिल 17.22 लाख पहुंच गया.

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बंगले में तो अध्यक्ष रहते नहीं, तो कौन इस्तेमाल करता है बिजली

पिछले सात से ज्यादा महीने से विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव बंगले में नहीं रह रहे हैं. वो अपने परिवार के साथ अपने मकान में रह रहे हैं. बंगले में सिर्फ उनकी सुरक्षा में लगे चंद गार्ड रहते हैं. ऐसे में सवाल यह उठता है कि पिछले सात-आठ महीनों से बिजली का इस्तेमाल बंगले में कौन कर रहा है. बंगले में चार कमरे हैं. चारों कमरे में एसी लगा हुआ है. एक एसी ऑफिस में लगा हुआ है. वहीं बंगले के दो बाथरूम में गीजर लगा हुआ है. अगर विधानसभा अध्यक्ष सात महीनों से बंगले में नहीं रह रहे हैं तो एसी और गीजर का इस्तेमाल आखिर कर कौन रहा है. ऐसा नहीं है कि जब से अध्यक्ष अपने घर में रहने लगे हैं, तब से बिजली का बिल कम आना शुरू हो गया है.

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