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रिम्स में मनाया गया 58वां स्थापना दिवस, कर्मचारी बेखबर

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Ranchi: रिम्स सोमवार को अपना 58वां वर्षगांठ मना रहा था. इस मौके पर रिम्स के ऑडिटेरियम में पुर्नमिलन 2018 कार्यक्रम का आयोजन भी बड़े ही धूमधाम से किया गया. जिसमें डॉक्टरों ने खूब मस्ती की और पुरानी यादों को किया. वहीं दूसरी ओर रिम्स के सैकड़ों कर्मचारी स्‍थापना दिवस के कार्यक्रम से अनजान रहे. कर्मचारियों को भी पता नहीं कि 3 दिसंबर के दिन रिम्स की स्थापना हुई थी. न ही प्रबंधन द्वारा किसी प्रकार की उन्हें कोई सूचना दी गयी.

रिम्स में सालों योगदान दे रहीं नर्सों ने बताया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गयी. नर्सों से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमें कौन पूछता है साहब, हम तो सिर्फ ड्यूटी करने के लिए हैं और शो-कॉज का जवाब देने के लिए. कुछ ऐसा ही जवाब यहां काम कर रहे कर्मचारी मुंशी जी की तरफ भी मिला. उन्होंने बताया कि 1964 से रिम्स में सेवा कर रहे हैं. हालांकि 2007 में रिटायर भी हो चुके हैं. लेकिन, डॉक्टरों द्वारा अभी भी बुला लिया जाता है. स्थापना दिवस या किसी प्रकार के किसी कार्यक्रम के बारे में मुझे नहीं बताया गया.

रिम्‍स की नर्सें

स्थापना दिवस की नहीं है कोई जानकारी: रिम्स कर्मी

रिम्स में सालों से काम कर रही नर्सों ने बताया कि स्थापना दिवस की कोई जानकारी नहीं है. न तो प्रबंधन की और से कोई सूचना आयी है. कुछ नर्सों ने बताया कि उन्हें किसी और माध्यम से मालूम चला था, जिसके बाद स्व. डॉ राजेंद्र प्रसाद के तस्वीर पर माल्यापर्ण कर निकल गयीं. नर्सों ने कहा कि हम नर्स के ही बदलौत यहां के सभी मरीजों की देखभाल की जाती है. किसी भी हॉस्पिटल में नर्स वहां की रीढ़ होती हैं. लेकिन, हमें दरकिनार कर देना यह प्रबंधन के दोहरे चेहरे को दर्शाता है. नर्सों के अलावा रिम्स के कर्मचारी और सुरक्षाकर्मियों को रिम्स स्थापना दिवस की कोई जानकारी नहीं.

मस्ती में डूबे रिम्स के डॉक्टर

रिम्स स्थापना दिवस के अवसर पर रिम्स ऑडिटोरियम में कार्यक्रम का आयोजित किया गया. जिसमें रिम्स के वर्त्‍तमान से लेकर रिटायर्ड डॉक्टर भी शामिल हुए. डॉक्टरों ने जमकर मस्ती की, नाचा-गाया और फोटो भी खिंचवाई.

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