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राज्य के सात विश्वविद्यालय के कर्मियों के वेतन पर खर्च होंगे 546.09 करोड़, पैसा जारी

जिस मद में दी गई है राशि उसी में खर्च करने का निर्देश

Ranchi : कोरोना काल में राज्य के सात विश्वविद्यालय के शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों को पैसे की दिक्कत न हो इसके लिए उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस मद की राशि जारी कर दी है. विभाग की और से कर्मियों के वेतन के लिए कुल 546.09 करोड़ रुपये जारी किये गए हैं. यह राशि राज्य के सात विवि के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए है. बताते चलें की कोरोना काल में राज्य सरकार द्वारा कई विवि में वेतन व पेंशन राशि नहीं मिलने से शिक्षकों, अधिकारियों व कर्मचारियों के समक्ष समस्या उत्पन्न हो गयी थी. कई विवि ने आंतरिक स्रोत से किसी तरह वेतन व पेंशन दिया था. इसके बाद वस्तुस्थिति से अवगत होने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने राशि जारी की है.

 

Sanjeevani

केवल वेतन में खर्च होंगे 546.09 करोड़

 

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राज्य के सात विश्वविद्यालय के कर्मियों के वेतन पर 546.09 करोड़ रूपये खर्च होंगे. सभी विश्वविद्यालय को वेतन का पैसा भेज दिया गया है. इसमें वेतन मद में रांची विवि को 189.76 करोड़, विनोबा भावे विवि में को  95.36 करोड़. सिदो-कान्हू मुर्मू विवि को  57.67 करोड़, नीलांबर-पीतांबर विवि को 33.80 करोड़, कोल्हान विवि को  79.08 करोड़, विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विवि को  73.42 करोड़ और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि को 17 करोड़ रुपये दिए गए हैं.

 

पेंशन की राशि भी भेजी गयी

 

उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से राज्य के सात विवि के लिए रिटायर कर्मियों के पेंशन की राशि भी दे दी गयी है. पेंशन राशि की बात करें तो रांची विवि को 190 करोड़, विनोबा भावे विवि को 100 करोड़, सिदो-कान्हू मुर्मू विवि को 76 करोड़ रुपये, नीलांबर-पीतांबर विवि को पेंशन मद में 10 करोड़ रुपये, कोल्हान विवि को 43 करोड़ रुपये, विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विवि को नौ करोड़ रुपये और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि को पेंशन मद में पांच करोड़ रुपये दिए गए हैं.

 

जिस मद में मिली राशि उसी में कर सकेंगे खर्च

 

विभाग की ओर से वेतन और पेंशन मद में दी गयी राशि शर्त के साथ दी गयी है. सरकार की ओर से स्पष्ट कहा गया है कि विवि को जिस मद के लिए पैसा दिया गया है यह उसी में खर्च हो. अगर इसमें किसी प्रकार का डायवर्सन होता है, तो आगे से भुगतान अविलंब बंद कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी. साथ ही कहा गया है कि इस पैसे से ऐसे किसी भी तरह के बकाया का भुगतान नहीं करने के लिए कहा गया है, जिसमें केंद्रांश की राशि शामिल हो. इस पैसे से वैसे किसी भी शिक्षकेतर कर्मचारियों को पैसा नहीं दिया जाए जिसका 15 नवंबर 2000 के पूर्व का बकाया वेतन हो.

 

किस विवि को कितनी मिली कुल राशि (करोड़ में)

 

रांची विवि : 379.76

विनोबा भावे विवि : 195.36

सिदो-कान्हू मुर्मू विवि : 133.67

नीलांबर-पीतांबर विवि : 43.80

कोल्हान विवि : 122.08

विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विवि : 82.42

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि : 22.00

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