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राजधानी रांची में ट्रैफिक पुलिसकर्मी के 543 पोस्ट स्वीकृत, तैनाती 341-रिक्त पड़े हैं 202 पद

दो शिफ्ट में ड्यूटी करने को मजबूर ट्रैफिक पुलिस कर्मी

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Ranchi: राजधानी रांची में यातायात पुलिस विभाग मैन पावर की कमी से जूझ रहा है. यातायात पुलिस विभाग में मैन पावर की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जहां 543 पुलिसकर्मी और अधिकारी की जरूरत है.

लेकिन 341 पुलिसकर्मी ही काम कर रहे हैं और अभी भी 202 पद रिक्त हैं. यातायात पुलिस विभाग में लंबे अरसे से पर्याप्त बल ना होने के बावजूद भी यातायात व्यवस्था को संभालने में लगा हुआ है. मैन पावर की कमी के कारण ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को दो शिफ्ट में काम करना पड़ रहा है.

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दो शिफ्टों में काम करने की वजह से ट्रैफिक पुलिसकर्मी के स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ रहा है. और कई बीमारियों से जूझ रहे हैं. इसके बावजूद भी वह अपनी ड्यूटी कर रहे हैं.

ट्रैफिक जवानों की कमी

राजधानी रांची में ट्रैफिक जवानों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हो रही है. यातायात व्यवस्था संभालने के लिए शहर में करीब 543 ट्रैफिक जवानों की आवश्यकता है.

वर्तमान में करीब 341 ट्रैफिक जवान व 100 सहायक पुलिस रांची ट्रैफिक पुलिस के पास हैं. इनमें से 50 जवान किसी न किसी कारण से छुट्टी पर हर दिन रहते हैं. जिस वजह से ट्रैफिक पुलिसकर्मी को सुबह के 8 बजे से लेकर रात 9 बजे तक दो शिफ्टों में ड्यूटी करनी पड़ रही है.

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कई बीमारियों का शिकार हो रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मी

रोज ज्यादा समय तक काम करने की वजह से अधिकांश पुलिसकर्मियों में चिड़चिड़ापन आ जाता है. जिस कारण आम लोगों के प्रति उनके खराब व्यवहार की बातें सामने आती हैं.

पिछले दिनों एक सर्वे में यह बात सामने आयी थी कि रांची जिला के अधिकांश ट्रैफिक पुलिसकर्मी या तो लीवर की बीमारी के शिकार हैं या शिकार होने के करीब हैं.

इसलिए जरूरी है कि पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ायी जाये, ताकि काम के घंटे को कम किया जा सके. हालांकि इस ओर अभी तक कोई भी उचित कदम नहीं उठाया गया है.

नहीं हो रहा है आदेश का पालन

5 फरवरी को पुलिस मुख्यालय के द्वारा पुलिसकर्मियों से 8 घंटे काम और सप्ताह में एक दिन की छुट्टी देने का आदेश जारी किया गया था. आदेश के दो महीने से ज्यादा बीत जाने के बाद भी पुलिसकर्मियों से 8 घंटे से ज्यादा काम लिया जा रहा है.

वर्तमान जहां पीसीआर वैन में तैनात पुलिस कर्मियों को 12 से 14 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है. वहीं थाने में तैनात पुलिस कर्मियों को भी 12 से 14 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है. ट्रैफिक पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों को सुबह के 8 बजे से लेकर रात के 9 बजे तक ड्यूटी करनी पड़ रही है.

वरीय अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

इस मामले में पुलिस मेंस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राकेश पांडेय का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस का हाल बहुत ही दयनीय है. और जवान कई बीमारी से ग्रसित हैं. उसके बावजूद भी अपनी ड्यूटी कर रहे हैं.

ना जवानों के लिए समुचित इलाज की व्यवस्था है, ना समुचित जवान ट्रैफिक व्यवस्था में लगाए गए हैं. यह बहुत ही दुखद और खेद की बात है.

पुलिस मेंस एसोसिएशन के लाख प्रयास करने के बाद भी अब तक वरीय पुलिस पदाधिकारी का ध्यान इस ओर नहीं गया है. यह सबसे बड़ी विपदा की बात है कि मुशहरी कमेटी के आवेदन आने के बाद भी सिर्फ आदेश कागजों तक ही सीमित हैं. उसपर अमल नहीं हो रहा है. अभी भी जवानों को 12 घंटे की ड्यूटी करनी पड़ रही है.

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