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नियम के विरुद्ध चल रहे देश के 539 चाइल्ड केयर संस्थान बंद

जेजे एक्ट से गैर निबंधित और एक्ट का उल्लंघन करनेवाले संस्थानों के खिलाफ हुई कार्रवाई, सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न का उत्तर देते हुए सरकार ने दी जानकारी

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Ranchi: मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड के उजागर होने के बाद से देश के चाइल्ड केयर संस्थानों पर सवाल उठते रहे हैं. वही विगत दिनों झारखंड एवं बिहार सहित देश के कई चाइल्ड केयर संस्थानों में बाल उत्पीड़न की घटनाओं के बाद देश के 539 संस्थान बंद किये गए हैं. चाइल्ड केयर संस्थानों को बंद करने की यह कार्रवाई संबंधित राज्य/केंद्र शासित सरकारों की रिपोर्ट के आधार पर की गयी है.

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बंद हुए संस्थानों में वैसे सभी संस्थानों शामिल हैं, जो जुवेनाईल जस्टिस एक्ट 2015 के तहत निबंधित नहीं हैं या जिनके विरुद्ध जुवेनाईल जस्टिस एक्ट 2015 के उल्लंघन का आरोप प्रमाणित हुआ था. राज्यसभा में सांसद महेश पोद्दार के प्रश्न का उत्तर देते हुए महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार ने यह जानकारी दी.

20 राज्यों ने साझा की विस्तृत जानकारी

सांसद श्री पोद्दार को बताया गया कि केंद्र सरकार को विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने अपने राज्य के चाइल्ड केयर संस्थानों के निरीक्षण के बाद रिपोर्ट भेजी है. झारखण्ड, बिहार, अंडमान और निकोबार, असम, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दादर नगर हवेली, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पुडुचेरी, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल यानि 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट साझा की हैं.

जबकि बाकी के 14 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों यानि त्रिपुरा, ओडिशा, गुजरात, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, दिल्ली,जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड ने केवल सारांश भेजा है. दो केंद्र शासित प्रदेशों दमन और दीव तथा लक्षद्वीप में कोई चाइल्ड केयर संस्थान नहीं है.

श्री पोद्दार ने अपने सवाल के माध्यम से अलग-अलग और छोटे-छोटे चाइल्ड केयर संस्थानों में बच्चों को रखने की बजाय हर राज्य में एक ही बड़ा सुविधायुक्त चाइल्ड केयर संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव भी दिया. प्रत्युत्तर में केन्द्रीय मंत्री ने उन्हें बताया कि भारत सरकार को आज तक संबंधित राज्य सरकारों / केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है.

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श्री पोद्दार को बताया गया कि मंत्री समूह के गठन की अधिसूचना 24 अक्टूबर, 2018 को जारी की गयी है. मंत्री समूह में गृह मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी को शामिल किया गया है.

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