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वोट बहिष्कार की तैयारी में 5000 लोग, वोटर कार्ड राजभवन भेजने का किया दावा

Ranchi : खूंटी जिला के मुंडा अंचल में एक बार फिर से माहौल तनावपूर्ण बन गया है. ग्रामीण आपस   में ही एक दूसरे को संदेह की नजर से देख रहे हैं. वोट बहिष्कार के पर्चे और पोस्टर जिला के अड़की प्रखंड स्थित कुरूंगा और कोचांग के बीच सैकड़ों की संख्या में लगाये गये हैं.

इलाके में पोस्टर किसने और क्यों लगाया है, इसे बारे में ग्रामीण कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं. पत्थलगड़ी के दौरान कुरूंगा, कोचांग में सीआरपीएफ कैंप भी बैठाया गया. इसके बावजूद भी इलाके में आधार कार्ड और वोटर कार्ड जमा कराये जा रहे हैं.

5000 से ज्यादा वोटर कार्ड राजभवन भेजे जाने का दावा किया जा रहा है. जिसमें आधार कार्ड, एवं राशन कार्ड भी शामिल है. वर्तमान समय में बीरबांकी इलाके के इन गांवों में वोटर कार्ड जमा करने का दबाब बनाया जा रहा है. जिसमें तुसुंगा, साके, कुरूंगा, रामदा, बुसुडीह, कुडूम्बा, कुलापोतेद, मुचिया, परासु, हनकु गांव शामिल है.

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Sanjeevani

नाम न छापने की शर्त पर जानकारी देते हैं ग्रामीण

वोट बहिष्कार की तैयारी में 5000 लोग, वोटर कार्ड राजभवन भेजने का किया दावा
चर्च से अलग करने के लिए दिया गया आवेदन

इस बारे में पूछने पर नाम न छापने की शर्त पर ग्रामीण बताते हैं कि जिन लोगों की पत्थलगड़ी में सक्रिय भूमिका रही थी, वही लोग सफेद वस्त्र पहनकर लोगों को सरकारी योजनाओं और वोट का बहिष्कार करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं.

साथ ही ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सभी का वोटर कार्ड जमा कराया जा रहा है. पुलिस कैप के बावजूद सफेद पोश पहनने वाले इलाके में घूमकर इस तरह का दबाब बना रहे हैं.

इसे अलावा ग्रामीणों का कहना है कि चर्च नहीं जाने के अलावा सारन में भी पूजा नहीं करने का दबाब दिया जा रहा है. वहीं इस दबाब की वजह से जीईएल लोंगा मंडली के 41 परिवारों ने खुद को चर्च से अलग रहने का आवेदन भी मंडली प्रचारक को दे दिया है.

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इलाके के लोगों को विश्व शांति सम्मेलन में आने का मिला है न्योता

हाल के दिनों में अड़की,मुरहू और बंदगांव प्रखंड में ‘एसी कुटुंब परिवार’ संगठन कार्यक्रम आयोजित कर रहा है. इनके लोग चर्च और सरना में भी ग्रामीणों को जाने मना कर रहे हैं. वहीं संगठन द्वारा विश्व आदिवासी सम्मेलन   22-24 दिसंबर को गुजरात में होने वाला है और इस सम्मेलन में  पत्थलगड़ी वाले इलाके के लोगों को भी आने न्यौता मिला है.

गांव के जो लोग वोट बहिष्कार करने के अलावा वोटर कार्ड राजभवन भेजने का काम कर रहे हैं. उनका कहना है कि, आदिवासी देश के नागरिक नहीं बल्कि भारत सरकार के कुटुंब परिवार हैं. वहीं  हाल ही में खूंटी जिला के कई स्थानों पर विश्व शांति सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें पत्थलगड़ी के स्वभू नेता जोसेफ पूर्ती, बिरसा ओड़िया भी मौजूद रहते हैं.

मामला सामने आते ही होगी कार्रवाई

वहीं जब इस बारे में खूंटी डीएसपी आशीष महली से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें नहीं है. साथ ही कहा कि यदि यह बात सही निकली तो वोट बहिष्कार करने वालों पर नियम संगत कार्रवाई की जायेगी.

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