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#Jharkhand के 5 विवि के 167 कॉलेजों पर हर साल 500 करोड़ खर्च, फिर भी घटते गये प्रति छात्र शिक्षक

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Rahul Guru

Ranchi : झारखंड राज्य में उच्च शिक्षा के हाल का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां का एक भी सरकारी विश्वविद्यालय या कॉलेज राष्ट्रीय स्तर की किसी भी रैंकिंग में शीर्ष 100 में भी स्थान नहीं बना पाता है.

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ऐसा नहीं है कि यहां के विश्वविद्यालयों पर खर्च नहीं किया जाता है. केंद्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से झारखंड राज्य के विश्वविद्यालयों के लिए हर साल 500 करोड़ रुपये रुपये से अधिक खर्च किये जाते हैं.

यह पैसा वेतन, पेंशन, आधारभूत संरचना आदि के लिए खर्च होता है. इसके बाद भी उच्च शिक्षा की स्थिति बेहाल ही है.

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17 साल में एक बार ही हुई नियुक्ति

राज्य गठन के बाद जिस रफ्तार से सरकार ने सरकारी विवि और कॉलेज खोले उसके मुकाबले शिक्षकों की नियुक्ति में पूरी कोताही बरती है.

पहले से ही शिक्षकों की कमी झेल रहे विश्वविद्यालयों में हर साल औसतन 25 शिक्षकों के रिटायर होने से हालात और भी बदतर होते जा रहे हैं.

वर्तमान में पांच सरकारी विश्वविद्यालयों में लगभग चार लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं जिन्हें पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या नहीं के बराबर है. अब तक केवल साल 2008 में शिक्षकों की नियुक्ति हुई है.

हाइयर एजुकेशन विभाग झारखंड सरकार के आंकड़ों के मुताबिक राज्य के विश्वविद्यालयों में व्याख्याता से लेकर रीडर व प्रोफेसर के पद रिक्त हैं.

विवि में प्रोफेसर के शत प्रतिशत पद रिक्त हैं, जबकि कुल स्वीकृत 2433 पद में से 1139 पद पर शिक्षक नहीं हैं.

40 विद्यार्थियों पर होना चाहिए एक शिक्षक 

यूजीसी के  मुताबिक एक शिक्षक पर लगभग 40 विद्यार्थी होने चाहिए. शिक्षकों की कमी के  कारण पठन-पाठन बाधित हो रहा है. वर्तमान में राज्य के पांचों विवि में शिक्षकों के कुल 2433 पद स्वीकृत हैं.

गौरतलब है कि रांची विवि व सिदो-कान्हू मुर्मू विवि दुमका के बाद वर्ष 1992 में विनोबा भावे विवि हजारीबाग की स्थापना की गयी.

इसके बाद वर्ष 2009 में पुन: रांची विश्वविद्यालय को और दो टुकड़ों में बांटा गया.  इसमें चाईबासा में कोल्हान विवि तथा पलामू में नीलांबर-पीतांबर विवि की स्थापना की गयी.

इसके बाद बहुमत की सरकार ने विनोबा भावे विवि को बांट कर धनबाद में कोयलांचल (विनोद बिहारी विवि) की शुरुआत की है़  रांची विवि, विनोबा भावे विवि, सिदो-कान्हू मुरमू विवि, नीलांबर पीतांबर विवि, कोल्हान विवि में लगभग 1200 पद खाली हैं.

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किस विवि में कितने कॉलेज व प्रति शिक्षक छात्रों की संख्या

रांची विवि, सिदो-कान्हू मुर्मू विवि, विनोबा भावे विवि, नीलांबर पीतांबर विवि व कोल्हान विवि में 68 अंगीभूत तथा लगभग 99 संबद्ध कॉलेज हैं. रांची विवि में 15 अंगीभूत कॉलेज व 19 संबद्ध कॉलेज हैं.

इसी प्रकार कोल्हान विवि में 14 अंगीभूत व 12 संबद्ध कॉलेज हैं. नीलांबर-पीतांबर विवि में चार अंगीभूत व 15 संबद्ध कॉलेज हैं. सिदो-कान्हू मुरमू विवि में 13 अंगीभूत व 15 संबद्ध कॉलेज हैं. वहीं विनोबा भावे विवि में 22 अंगीभूत व 38 संबद्ध कॉलेज हैं.

इसके अलावा सभी विवि में पीजी विभाग भी हैं. वहीं छात्रों की संख्या की बात करें तो हर साल प्रति शिक्षक छात्रों की संख्या में इजाफा ही हुआ है.

आंकड़े के मुताबिक राज्य के विवि में 2012-13 में प्रति शिक्षक 48 विद्यार्थी थे जो क्रमश: 2013-14 में 55, 2014-15 में 58, 2015-16 में 50, 2016-17 में 56, 2017-18 में 72, 2018-19 में 73 और 2019-20 में 79 हो गया है.

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SP Deoghar

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