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विलय के विरोध में बैंकों की हड़ताल से 500 करोड़ का कारोबार प्रभावित

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Dhanbad:  बैंक विलय के विरोध में कर्मचारियों की यूनियन की हड़ताल सफल रही. किसी बैंक का ताला नहीं खुला. बैंक मोड़ स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के समक्ष  प्रदर्शन करते हुए बैंक कर्मियों ने सरकार की नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. बैंकों की हड़ताल से जिले  में  लगभग पांच सौ करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ. प्रदर्शन का नेतृत्व करते  यूनियन के अध्यक्ष  ईश्वर प्रसाद ने कहा कि तीन मांगों को लेकर हड़ताल की गयी. सरकार ने बैंक ऑफ बड़ौदा,  देना बैंक और विजया बैंक के विलयीकरण का निर्णय लिया है. तीनों बैंकों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने विलयीकरण का निर्णय लिया है. सरकार ऋण के क्षेत्र में बैंकों के खराब प्रदर्शन की तरफ से देश का ध्यान हटाने के लिए यह निर्णय ले रही है. श्री प्रसाद ने कहा कि सरकार विलयीकरण के बाद बड़ा बैंक बनाना चाहती है. जिससे कि वह बड़ा लोन उपलब्ध करा सके. उन्होंने कहा कि सरकार को पहले यह देख लेना चाहिए कि इससे पहले दिए गए बड़े लोनों का क्या हश्र हुआ.

सरकार कर्ज की वसूरी का रास्त नहीं निकाल पायी

कहा कि सरकार अब भी बड़े कर्ज की वसूली का कोई रास्ता नहीं निकाल पायी. उन्होंने विलय के निर्णय को अविलंब वापस लेने,  तीनों बैंकों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के निर्णय को वापस लेने और खराब लोनों की वसूली के लिए नियम बनाने की अपील की. सभा को आलोक रंजन सिन्हा, राजेंद्र कुमार,  बीपी सिंह,  एनके महाराज,  संदीप वासन और सुनील कुमार ने संबोधित किया. इस अवसर पर एसबी मिश्रा, सुशील कुमार ओझा, गिरीश चंद्र और रवि सिंह उपस्थित थे.

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