न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सामूहिक अवकाश पर रहे 5 हजार विश्वविद्यालय शिक्षक, परीक्षा हुई स्थगित, पठन-पाठन ठप

स्थगित की गयी परीक्षा 18 जुलाई को ली जायेगी

237

Ranchi: राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षकों ने बुधवार को सामूहिक अवकाश लिया. जिससे सभी विश्वविद्यालयों में पठन-पाठन कार्य बंद रहे. हालांकि इस दौरान विश्वविद्यालयों के प्रशासनिक भवन में कार्य यथावत चले. रांची यूनिवर्सिटी में शिक्षकों के सामूहिक अवकाश के कारण पीजी सेमेस्टर-दो की परीक्षा स्थगित कर दी गयी. इसकी सूचना मंगलवार को ही परीक्षा नियंत्रक ने दे दी थी. लेकिन उन्होंने परीक्षा स्थगित होने का कारण तकनीकि समस्या को बताया. जबकि विश्वविद्यालय सूत्रों की मानें तो परीक्षा स्थगित शिक्षकों के सामूहिक अवकाश के कारण ही की गयी. इसके साथ ही अन्य विश्वविद्यालयों में कोई भी शैक्षणिक कार्य नहीं हुए. सभी विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने इस दौरान राजभवन के समक्ष प्रदर्शन किया. जिसमें लगभग सभी विश्वविद्यालय के शिक्षक शामिल हुए. विश्वविद्यालय शिक्षकों के सामूहिक अवकाश का आह्वान फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन ऑफ झारखंड की ओर से किया गया.

देखें वीडियो-

इसे भी पढ़ें – हजारीबाग माइनिंग अफसर नितेश गुप्ता क्यों चाहते है कि सिर्फ मां अंबे कंपनी ही करे कोयला रैक लोडिंग

वीसी भी कार्य प्रणाली सुधारें, सभी समस्याओं का समाधान संभव

फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन झारखंड के अध्यक्ष डॉ नवीन कुमार सिंह ने कहा कि राज्य के विश्वविद्यालयों की जो वर्तमान स्थिति हो गयी है. ऐसे में जरूरी है कि सभी वीसी इस पर सख्त कदम उठायें. राज्य के पांच विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मियों का वेतन पेंशन समेत अन्य खर्च पांच माह से विभाग की ओर से नहीं दिया गया है. पिछले दिनों रांची और सिद्धो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यायल को राशि आवंटित की गयी. लेकिन अन्य विश्वविद्यालयों की स्थिति जस की तस है. ऐसे में वीसी को चाहिए की विभाग से बात करें, सरकार तक बात पहुंचायें. एक तरफ सरकार उच्च शिक्षा की बात करती है. वहीं दूसरी तरफ शिक्षकों की परेशानी बढ़ती जा रही है.

इसे भी पढ़ें – गडकरी जी, अच्छी सड़क के लिये तिहरा टैक्स तो ठीक पर आपके टोल वाले लूट रहे हैं पब्लिक को

SMILE

ये हैं विश्वविद्यालय शिक्षकों की मांगें

  • सातवें वेतनमान का भुगतान अविलंब किया जाये.
  • शिक्षकों की लंबित प्रोन्नति को बहाल किया जाये.
  • कैरियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत रुकी हुई प्रोन्नति शुरू की जाये.
  • 2008 से नियुक्ति शिक्षकों की सेवा को दस साल पूरे हो चुके हैं ऐसे में इन शिक्षकों को एजीपी का लाभ मिले.
  • यूजीसी नियमों के अनुसार अवकाश दिये जायें.
  • शहरी परिवहन भत्ता शिक्षकों को मिले.

इसे भी पढ़ें – बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार का वार्ड 14/A बना वीआइपी,पैसे के बल पर मिलती है सारी सुविधाएं

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like
%d bloggers like this: