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प्रोजेक्ट भवन का 5 स्टार टॉयलेट भी नहीं है मेंटेंड

प्रोजेक्ट भवन में अबतक चार बार बन चुका है शौचालय

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Ranchi: झारखंड मंत्रालय में भवन निर्माण विभाग की तरफ से शौचालय का बार-बार जीर्णोद्धार किया जा रहा है. अब प्रोजेक्ट भवन मंत्रालय के शौचालय पांच सितारा होटलों की तरह हैं. हर फ्लोर पर दो-दो शौचालय बनाये गये हैं. करोड़ों रुपये खर्च कर बने शौचालयों का रख-रखाव भी ठीक तरीके से नहीं किया जाता है. प्रोजेक्ट भवन में सरकार की तरफ से शौचालय की व्यवस्था दुरुस्त करने का काम तत्कालीन मुख्य सचिव पीपी शर्मा के कार्यकाल में शुरू हुआ था. उस समय प्रोजेक्ट भवन मंत्रालय के सभी फ्लोर्स की फॉल्स सीलिंग और विभागीय सचिवों के कमरे का नक्शा बदला गया. सभी फ्लोर्स की मरम्मत पर 72 लाख रुपये से अधिक खर्च किये गये और राजधानी के एक प्रमुख इंटीरियर डिजाइनर चड्ढा आर्किटेक्ट की तरफ से किया गया था.

इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के दोबारा मुख्यमंत्री बनने पर प्रोजेक्ट भवन मंत्रालय में एक अतिरिक्त फ्लोर बनाया गया और फिर पुरुष और महिला शौचालय को बदला गया. तीसरी बार फिर वॉश बेसिन और अन्य सुविधाएं शौचालय में बहाल की गयी. अब चौथी बार मंत्रालय के सभी शौचालय को आधुनिक बना दिया गया है. अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, पांच सितारा और सात सितारा होटलों की तरह बाथरूम में सेंसर लगाये गये. इतना ही नहीं, हाथों को सुखाने के लिए ड्रायर और वेट पेपर डिस्पेंसर भी लगाया गया है. जगुआर कंपनी के अत्याधुनिक सुविधाएं यहां बहाल की गयी हैं. शौचालय को तब्दील करने में भवन निर्माण विभाग की तरफ से पांच करोड़ रुपये से अधिक खर्च किये गये हैं.

क्या कहते हैं भवन निर्माण विभाग के अधिकारी

भवन निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शौचालयों के रख-रखाव को लेकर दैनिक वेतनभोगी कर्मियों को जवाबदेही सौंपी गयी है. इसके लिए उन्हें आठ घंटे की ड्यूटी भी दी जाती है. शौचालयों की गंदगी को साफ करने और पानी के लिकेज को ठीक-ठाक करने की जिम्मेवारी भी इन्हीं कर्मियों की है.

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