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राजधानी में लापरवाही के चलते सड़क दुर्घटना में 10 दिनों में 5 लोगों की मौत

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Ranchi : कहते हैं ‘सावधानी हटी, दुर्घटना घटी’. कुछ ऐसी ही असावधानी और लापरवाही का नतीजे हैं, सड़क हादसे. जिसके कारण राजधानी रांची की सड़कें  खून से लाल हो रही हैं. अगर आंकड़ें को देखे तो पिछले दस दिनों के में राजधानी रांची में 5 लोगों की मौत सड़क दुर्घटना में हो गई. इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि राजधानी रांची में सड़क हादसों की घटना में इजाफा हुआ है, असमय होनेवाले मौत में भी.

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 90 प्रतिशत सड़क दुर्घटना तेज रफ्तार के कारण

राजधानी रांची में 90 प्रतिशत सड़क दुर्घटना तेज रफ्तार के कारण हो रहे हैं. रांची पुलिस के अनुसार बाकी 10 प्रतिशत सड़क हादसे चालक के नशे में होने की वजह से हो रहे हैं. दरअसल, तेज रफ्तार और बिना हेलमेट पहने बाइक व स्कूटी राइडिंग मौत की वजह बन रही हैं. रांची पुलिस के अनुसार, 20 प्रतिशत सड़क हादसों की वजह ब्लैक स्पॉट भी हैं.

रांची में सबसे अधिक ब्लैक स्पॉट

राजधानी में हर दिन सड़क हादसे में लोगों की जान जा रही है. प्रशासन को सारी जानकारी है. शहर में 45 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, लेकिन इसकी जानकारी सिर्फ सरकारी फाइलों में ही है. शहर में किस इलाके में ब्लैक स्पॉट हैं, इसकी जानकारी कहीं नही दी गयी है. ब्लैक स्पॉट चिन्हित हैं, लेकिन वहां ना तो कोई एरो दिया गया है, जिससे लोग सचेत हो जाएं. झारखंड में वैसे 190 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जहां सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं. इसमें रांची में सबसे अधिक ब्लैक स्पॉट हैं.

राजधानी रांची में हर महीने लगभग 40 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं

राजधानी रांची में हर महीने लगभग 40 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती है. जिसमें लगभग हर महीने 30 लोगों की मौत होती  है. जनवरी से लेकर नबंर 2018 के बीच रांची में 383 सड़क दुर्घटनाएं हुई. जिसमें 263 लोगों की जान चली गयी. रांची में जनवरी महीने में सबसे अधिक 60 दुर्घटनाएं हुई. जबकि सबसे अधिक 41 मौत जून महीने में हुई है. सड़क दुर्घटना में लगातार वृद्धि हो रही है. लेकिन इसे कम करने के कोई उपाय नहीं हो रहे है.

स्पीड गवर्नर के नाम पर लापरवाही

स्पीड गवर्नर के नाम पर लापरवाही बरती जा रही है. यहां बिना अप्रूव वाली कंपनियों के स्पीड गवर्नर वाहनों में लगाए जा रहे हैं. साथ ही इन स्पीड गवर्नर के टेस्टिंग की भी कोई व्यवस्था नहीं है. सरकार ने वाहनों के लिए स्पीड गवर्नर को अनिवार्य कर दिया है, लेकिन इसे चेक करने के लिए किसी तरह का इंतजाम नहीं किया गया है. वाहनों में लगे स्पीड गवर्नर के क्वालिटी की ना तो जांच हो रही है और ना ही उसपर मुहर लगा रही है. ऐसे में यहां वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही हो रही है.

 पिछले दस दिनों में पांच की मौत

3 दिसंबर हरमू रोड के पास सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत, एक युवती गंभीर

9 दिसंबर कडरु में सफारी कार ने स्कूटी सवार को टक्कर मार दी, स्कूटी सफारी में फंसी रहने के कारण व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गयी.

10 दिसंबर सैटेलाइट कालोनी स्थित पेट्रोल पंप के आगे एक बाइक सवार ने एक व्यक्ति को टक्कर मार दी. जिससे मौके पर ही व्यक्ति की मौत हो गई.

12 दिसंबर अर्जुन बिरूली अपने मित्र राहुल तिग्गा कांटाटोली निवासी के साथ हुंडरू फॉल घूमने गया था. शाम में घर वापस आने के क्रम में बाइक असंतुलित होकर महेशपुर मंदिर के पास एक पुल से जा टकराई जिसके बाद दोनों की मौत हो गई.

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