HazaribaghJharkhand

हजारीबाग,गिरिडीह और बोकारो के 48 मजदूर मलेशिया में फंसे, सुषमा स्‍वराज से गुहार

विज्ञापन

Hazaribagh : हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो जिले के 48 मजदूर मलेशिया मे फंसे हुए हैं. मजदूरों को तीन महीने से मजदूरी नहीं मिली है. उन्हें दिनभर में एक बार ही खाना दिया जा रहा है. मजदूरों ने शनिवार को सोशल मीडिया पर वीडियो-फोटो भेजकर अपना दुख व्यक्त किया है. वहां फंसे मजदूरों ने वतन वापसी की मांग की है.

इसे भी पढ़ेंःझारखंड की जेलों का हालः 29 में से सिर्फ तीन कारागार में जेलर, बाकी असिस्टेंट जेलर या क्लर्क के भरोसे

दिसंबर से नहीं दी जा रही मजदूरी

वीडियो में मजदूरों ने कहा है कि उनके साथ धोखाधड़ी की गयी है. केसी इंटरनेशनल कंपनी में काम देने की बात कहकर सभी को ले जाया गया, लेकिन वहां ठेकेदार के अंडर में काम पर लगाया गया. मजदूरों ने कहा है कि जून 2018  में वे सभी मलेशिया आये थे. वहां ट्रांसमिशन लाइन में काम पर लगाया गया.  कुछ महिने तक उन्हें मजदूरी मिली,  लेकिन  दिसंबर 2018  के बाद से मजदूरी नहीं दी जा रही है. साथ ही उन्हें दिनभर में एक बार ही खाना दिया जा रहा है.

advt

इसे भी पढ़ेंःगिरिडीह लोकसभाः सांसद रविंद्र पांडेय, विधायक ढुल्लू महतो और संपादक शिवशक्ति बख्शी अब क्या करेंगे ?

विदेश मंत्री से मदद की लगायी गुहार

मजदूरों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से वतन वापसी की मांग की है. इधर, प्रवासी मजदूरों के हित के लिए व्हाट्सएप पर विष्णुगढ की आवाज ग्रुप चला रहे विष्णुगढ के धर्मेंद्र कुमार महतो ने बताया कि मलेशिया में फंसे सभी मजदूर गिरिडीह के बगोदर, हजारीबाग के विष्णुगढ़ एवं बोकारो जिले के गोमिया इलाके के रहने वाले हैं.

इसे भी पढ़ेंः रामगढ़ में ट्रक और कार के बीच सीधी टक्कर, 10 लोगों की मौत

Advertisement

Related Articles

Back to top button
Close