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राज्य प्रशासनिक सेवा के 420 पोस्ट खाली, 25 अफसरों पर गंभीर आरोप, 07 सस्पेंड, 06 पर डिपार्टमेंटल प्रोसिडिंग, 05 पर दंड अधिरोपण

Ravi Aditya

Jharkhand Rai

Ranchi: झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर भी आरोपों और विवादों से जुदा नहीं हैं. इस साल जनवरी से लेकर अब तक 25 अफसरों पर गंभीर आरोप लगे. सभी की जांच चल रही है. छह अफसर बर्खास्त भी हो चुके हैं.  वहीं दूसरी ओर जेपीएससी की परीक्षा नहीं होने के कारण रिक्त पद अब तक नहीं भरे जा सके हैं. राज्य गठन के बाद से सिर्फ पांच परीक्षाएं ही हो पायी हैं. झारखंड में राज्य प्रशासनिक सेवा के 1295 पद सृजित हैं. इसमें 875 पद ही अफसर कार्यरत हैं. 420 पद रिक्त हैं.

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कई अफसर हो चुके हैं सस्पेंड

राज्य प्रशासनिक सेवा के सात अफसर सस्पेंड हैं. छह पर विभागीय कार्यवाही चल रही है. पांच पर दंड अधिरोपण किया गया है. इसके अलावा कई अफसरों को निंदन और पेंशन में कटौती का आदेश दिया गया है. सभी पर जमीन का अवैध हस्तांतरण, मनरेगा, इंदिरा आवास योजना सहित अन्य योजनाओं में वित्तीय अनियमितता का आरोप है.

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कौन अफसर पर क्या है आरोप

सिर्द्धाथ शंकर चौधरी: निलंबित

रवींद्र नाथ पांडा: पेंशन कटौती

संजय कुमार सिन्हा: दंड अधिरोपण

नीतू कुमारी: विभागीय कार्रवाई

जामनी कांत: निलंबित

अंजना दास: विभागीय कार्यवाही

हेमा प्रसाद: विभागीय कार्यवाही

रामशंकर राम: निलंबित

अमित कुमार पांडेय: दंड अधिरोपण

संतोष चौधरी: विभागीय कार्यवाही

मनोज तिवारी: निलंबित

छवि बाला बारला: दंड अधिरोपण

राजीव नीरज: चेतावनी

चंद्र किशोर मंडल: दंड अधिरोपण

विमल सोरेन: निंदन

मुजफ्फर अली: पेंशन कटौती

रामनारायण राम: निलंबित

सुरजीत सिंह: दंड अधिरोपण

अशोक सिन्हा: निलंबित

अरूण उरांव: निलंबित

नमिता नलिनी बाखला: विभागीय कार्यवाही

अभय झा: निलंबित

विनोद झा: दंड

दिनेश प्रसाद: निलंबित

विल्सन भेंगरा: विभागीय कार्यवाही

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सचिवालय सेवा में भी कर्मियों की भारी कमी

राज्य सचिवालय सेवा में भी कर्मियों की भारी कमी है. सचिवालय सेवा में कुल 2341 पद स्वीकृत हैं. इसमें सिर्फ 900 ही कार्यरत हैं. कुल 1441 पद हैं. अब तक इन रिक्त पदों पर बहाली नहीं हो पाई है. सचिवालय सेवा के भी चार कर्मी जांच के दायरे में हैं. इन पर फाइल को लंबित रखने का आरोप है.

 

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