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भारत के ‘मिशन शक्ति’ से अंतरिक्ष में फैला 400 टुकड़ों का मलबा, आईएसएस को खतरा: नासा

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Washington: नासा ने भारत के अंतरिक्ष में सेटेलाइट मार गिराने वाले परीक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए मंगलवार को इसे भयंकर बताया. नासा ने कहा कि नष्ट किए उपग्रह से अंतरिक्ष की कक्षा में 400 टुकड़ों का मलबा हुआ जिससे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में अंतरिक्षयात्रियों पर खतरा पैदा हो गया है.

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अंतरिक्ष में 400 टुकड़ों का मलबा

नासा प्रशासक जिम ब्राइडेंस्टाइन ने बताया कि अभी तक करीब 60 टुकड़ों का पता लगाया गया है और इनमें से 24 टुकड़े आईएसएस के दूरतम बिन्दु से ऊपर हैं.

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उन्होंने यहां नासा टाउनहॉल में कहा, ‘यह भयानक है, मलबा और दूरतम बिन्दु तक टुकड़े भेजने की घटना भयानक बात है. भविष्य में मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए इस तरह की गतिविधि अनुकूल नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘भारत द्वारा गत सप्ताह किए एसैट परीक्षण से कक्षा में करीब 400 टुकड़ों का मलबा फैल गया.’  ब्राइडेंस्टाइन ने कहा कि सभी टुकड़े इतने बड़े नहीं है कि उनका पता लगाया जा सकें और नासा अभी 10 सेंटीमीटर या उससे बड़े टुकड़ों का ही पता लगा रहा है.

उन्होंने कहा, ‘‘अभी तक करीब 60 टुकड़ों का ही पता चला है जिनमें से 24 अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं.’’

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27 मार्च को भारत ने किया था परीक्षण

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेलीविजन पर अपने संबोधन में घोषणा की थी कि भारत ने अंतरिक्ष में मिसाइल से एक उपग्रह मार गिराया है.

इस क्षमता को हासिल करने के साथ ही वह अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों की कतार में शामिल हो गया है. मोदी के इस संबोधन के बाद ब्राइडेंस्टाइन का यह बयान सामने आया है. उन्होंने यह बात नासा के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कही.

ब्राइडेंस्टाइन ट्रंप प्रशासन के पहले शीर्ष अधिकारी हैं जो भारत के एसैट परीक्षण के खिलाफ सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं. उन्हें डर है कि भारत के एसैट परीक्षण से दूसरे देशों द्वारा ऐसी ही गतिविधियों के प्रसार का खतरा पैदा हो सकता है.

उन्होंने कहा, ‘‘जब एक देश ऐसा करता है तो दूसरे देशों को भी लगता है कि उन्हें भी ऐसा करना चाहिए. यह अस्वीकार्य है. नासा को इस बारे में स्पष्ट रुख रखने की जरुरत है कि इसका हम पर क्या असर पड़ता है.’’

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नासा प्रशासक ने कहा कि एसैट परीक्षण से पिछले दस दिनों में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र को छोटे कण वाले मलबे से खतरा 44 प्रतिशत तक बढ़ गया है. साथ ही उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष यात्री अब भी सुरक्षित हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि अच्छी बात यह है कि यह पृथ्वी की कक्षा से काफी नीचे था जिससे वक्त के साथ ये सभी टुकड़ें नष्ट हो जाएंगे.’’

उन्होंने कहा कि चीन द्वारा 2007 में किए उपग्रह रोधी परीक्षण का काफी मलबा अब भी अंतरिक्ष में मौजूद है और हम अब भी इससे जूझ रहे हैं.  ब्राइडेंस्टाइन के अनुसार, अमेरिका कक्षा में मलबे के 10 सेंटीमीटर या उससे बड़े करीब 23,000 टुकड़ों का पता लगा रहा है.

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