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रघुवर के ऊर्जा विभाग के कहां गए 400 करोड़, PTPS तो हो गया बंद, पर पिछला हिसाब-किताब ही नहीं

एजी ने जताई थी आपत्ति, कहा था पांच साल में 140 करोड़ रुपये का हुआ नुकसान, तत्कालीन बिजली बोर्ड पर पड़ा 235 करोड़ का अतिरिक्त बोझ

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Ranchi : ऊर्जा विभाग में फिर एक सवाल खड़ा हो गया है. पतरातू थर्मल पावर प्लांट तो लगभग दो साल पहले ही बंद हो गया. उसकी जगह एनटीपीसी के साथ ज्वाइंट वेंचर कर 4000 मेगावाट का नया पावर प्लांट लगाया जा रहा है. इसका शिलान्यास भी इस साल पीएम मोदी ने किया. लेकिन सवाल यह है कि पीटीपीएस के बजट के 400 करोड़ कहां गए ? इसका अब तक कोई हिसाब किताब नहीं है. इस पर विभाग के अफसर भी चुप्पी साधे हुए हैं. एजी ने भी इस पर अपनी आपत्ति जताई थी. कहा था कि पांच साल में 140 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. साथ ही तत्कालीन बिजली बोर्ड को 235 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ा है.

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ऐसे हुआ खेल, पर सबकी चुप्पी

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पीटीपीएस की यूनिट नंबर नौ और दस को दुरुस्त करने का शुरूआती बजट 98 करोड़ रुपये का था. यह बढ़कर 331 करोड़ का हो गया. लेकिन दोनों यूनिट अंतिम समय तक ठीक नहीं हो पाया. पीटीपीएस पर सालाना खर्च 60 करोड़ रुपये था. हर माह मेंटेनेंस में 1.7 करोड़ रुपये खर्च किये जाते थे. सिर्फ एक यूनिट को चलाने के लिये 1100 इंजीनियर- कर्मचारी तैनात थे. इसके एवज में हर माह 3.5 करोड़ रुपये वेतन मद में भुगतान किया गया. जबकि केंद्रीय विद्युत प्राधिकार ने निर्देश दिया था कि 40 साल पुरानी यूनिटों को बंद किया जाये. इस बाबत केंद्रीय विद्युत प्राधिकार ने झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग और तत्कालीन बिजली बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र भी लिखा था. इसके बाद यूनिटों पर अनावश्यक खर्च कर चलाया गया.

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जानिये यूनिटों का हाल कब-कब बंद हुए यूनिट

  • यूनिट नंबर एक : क्षमता 50 मेगावाट: 26-6-1966 को शुरू: 01-10-2010 में बंद.
  • यूनिट नंबर दो : क्षमता 50 मेगावाट: 27-04-1967 को चालू: 10-03-2010 में बंद.
  • यूनिट नंबर तीन : क्षमता50 मेगावाट: 16-10-1968 को चालू: अगस्त 2003 में बंद.
  • यूनिट नंबर चार : क्षमता 50 मेगावाट: 30-10-1969 को चालू: 2015 में बंद.
  • यूनिट नंबर पांच : क्षमता 100 मेगावाट: 31-03-1971 को चालू: मई 2004 में बंद.
  • यूनिट नंबर छह : क्षमता 100 मेगावाट: 31-03-1974 को चालू: 2015 से बंद.
  • यूनिट नंबर सात : क्षमता 110 मेगावाट: 31-08-1977 को चाली: अक्तूबर 2010 में बंद.
  • यूनिट नंबर आठ : क्षमता 100 मेगावाट: 1978 में शुरू: 2010 में बंद.
  • यूनिट नंबर नौ : क्षमता 110 मेगावाट: 30-03-1984 को चालू: 10-08-2006 में बंद.
  • यूनिट नंबर दस : क्षमता 110 मेगावाट: 02-03-1986 को चालू: 2016 के जनवरी से बंद.

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