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रांची विश्वविद्यालय के 14 सरकारी कॉलेजों के 400 कांट्रैक्ट शिक्षकों को एक साल से नहीं मिला मानदेय

Ranchi : कांट्रैक्ट पर काम कर रहे रांची विवि के लगभग 400 सहायक शिक्षकों को बीते एक साल से मानेदय नहीं मिल रहा है. ये सहायक शिक्षक रांची विवि के अंर्तगत आनेवाले सरकारी कॉलेजों और पीजी विभाग में बीते दो साल से पढ़ा रहे हैं. इतना ही नहीं इन शिक्षकों से स्थायी शिक्षकों की तरह ही परीक्षा लेने के अलावा दूसरे काम भी लिये जाते हैं.

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कांट्रैक्ट पर काम कर रहे ये सहायक शिक्षक रांची वीमेंस कॉलेज, मारवाड़ी कॉलेज, डोरंडा कॉलेज, रामलखन सिंह यादव कॉलेज, एसएस मेमोरियल कॉलेज, जेएन कॉलेज धुर्वा, केसी भगत कॉलेज बेड़ो, मांडर कॉलेज मांडर, बिरसा कॉलेज खूंटी, पीपीके कॉलेज बुंडू, बीएस कॉलेज लोहरदगा, केओ कॉलेज गुमला, बीएन जालान कॉलेज सिसई और सिमडेगा कॉलेज सिमडेगा में कार्यरत हैं.

इस संबंध में झारखंड असिस्टेंट प्रोफेसर अनुबंध संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ निरंजन महतो ने कहा कि अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है.

हमलोगों का मानदेय भुगतान पिछले एक वर्ष (जनवरी 2020 से लेकर दिसंबर 2020 तक) से नहीं किया गया है. मानदेय का भुगतान नहीं होने से अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों का आर्थिक स्थिति दयनीय हो चुकी है.

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केंद्र सरकार और राज्य सरकार का सपष्ट निर्देश है कि कोरोना काल में किसी भी कर्मचारी का मानदेय नहीं रोका जायेगा. इसके बावजूद भी अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों को कोरोना काल का एक रुपया मानदेय भी नसीब नहीं हुआ.

प्रदेश अध्यक्ष डॉ निरंजन महतो ने कहा कि झारखंड के राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और कुलसचिवों के साथ मीटिंग करके अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसरों एक सम्मानजनक निश्चित मासिक मानदेय देने का निर्देश दिया था. परंतु वर्तमान समय तक मानदेय का भुगतान नहीं हो पाया है.

उन्होंने कहा कि रांची विश्वविद्यालय में कार्यरत अनुबंधित असिस्टेंट प्रोफेसर मानदेय के भुगतान को लेकर कुलपति से मिलते हैं तो वे सरकार का स्पष्ट निर्देश नहीं मिलने का हवाला देकर बात को टाल देते हैं.

कुलपति पीजी विभागों के विभागाध्यक्षों और महाविद्यालयों के प्रचार्यों से बिल नहीं भेजने का बहाना बनाते हैं, जबकि प्राचार्य और विभागाध्यक्ष विश्वविद्यालय द्वारा कोई निर्देश नहीं मिलने की बात कह कर अपनी जिम्मेदारियों से छुटकारा पा लेते हैं.

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