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3 महीने में साइबर क्राइम के 400 मामले पहुंचे थाने, दर्ज हुई 34 FIR-20 साइबर अपराधी गिरफ्तार

Ranchi: राजधानी रांची में अमूमन रोजाना साइबर अपराधी तीन से चार लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं. मामला साइबर थाना या तो संबंधित थाने में पहुंचता है.

पुलिस को साइबर अपराध के बारे में लिखित शिकायत देकर प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाती है. इसके बावजूद साइबर अपराधियों को पुलिस पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है.

पिछले तीन महीने जनवरी से लेकर मार्च तक साइबर थाने में रांची में 400 से अधिक मामले पहुंचे, जिनमें 34 मामले में एफआईआर दर्ज हुई. जबकि 6 मामले ही निष्पादित किए गये हैं और 20 साइबर अपराधी गिरफ्तार हुए हैं.

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पिछले 3 महीने में 20 साइबर अपराधी गिरफ्तार

साइबर अपराध के कई मामले सामने आये हैं. जिनमें खाते से पैसे की निकासी, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट और चेक का क्लोन बनाकर सहित अन्य मामले शामिल हैं.

साइबर थाने की पुलिस तकनीकी सहयोग व साइबर मामलों के निबटारे के लिए बनी है. सारे संसाधन और सुविधाओं से भी लैस है.

इसके बावजूद भी पिछले 3 महीने में सिर्फ 20 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है. जबकि अधिकतर मामले में साइबर अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं.

साइबर अपराध को लेकर गंभीर नहीं दिखती पुलिस

रांची जिला के विभिन्न थानों में प्रत्येक माह साइबर क्राइम से जुड़े दो दर्जन से ज्यादा मामले आते हैं. इन मामलों में पहले पुलिस गंभीरता दिखाते हुए प्राथमिकी दर्ज करती है.

लेकिन कार्रवाई या जांच की बात आती है, तो अनुसंधानकर्ता उसे ठंडे बस्ते में डाल देते हैं. जिन मामलों में अनुसंधानकर्ता को मुनाफा होता है, उसमें ध्यान देते है. अन्यथा साइबर अपराध जैसे मामलों में गंभीरता नहीं दिखाते हैं.

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अपराधी कैसे देते हैं घटना को अंजाम

साइबर अपराधी अपने आप को बैंक का मैनेजर बताकर किसी भी खाताधरक से फोन पर आधार नबंर, एटीएम का पिन नंबर, एटीएम कार्ड नंबर की डिटेल, मैसेज के द्वारा ओटीपी नंबर मांगकर, चेक का क्लोन तैयार करके और फर्जी साइट बनाकर खाता धारकों के पैसे उनके बैंक से अपने खाता या फिर अपने सहयोगी के बैंक खाता में ट्रांसफर कर लते हैं.

इसके अलावा महिलाओं का चेहरा बदलकर उनका अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें परेशान करते हैं.

पिछले 3 महीने के दौरान हुए साइबर अपराध की कुछ मुख्य घटनाएं

9 जनवरी 2019- चुटिया पावर हाउस कृष्णापुरी रोड नंबर निवासी दीपक कुमार से साइबर अपराधियों ने ओटीपी नंबर पूछ कर दो बैंक खातों से 90 हजार रुपए से अधिक की निकासी कर ली.

24 जनवरी 2019- साउथ ऑफिस पाड़ा निवासी सत्यनारायण अग्रवाल से साइबर अपराधियों ने ओटीपी नंबर पूछकर 3.50 लाख की निकासी कर ली.

24 मार्च 2019- बरियातू के हरिहर सिंह रोड निवासी व्यवसायी से मार्केटिंग ऑफिसर बन कर 70000 की निकासी कर ली गई.

27 मार्च 2019- एकलव्य प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड की एमडी कांति सिंह के खाते से 14.90 लाख रुपए की निकासी कर ली गई.

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