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झारखंड के 40 हजार स्कूलों में अब मोबाइल एप से होगी निगरानी

ई-विद्या वाहिनी को राज्य भर में किया जायेगा लागू

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Ranchi: स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की तरफ से अब राज्य के 40 हजार सरकारी, सहायता प्राप्त, अल्पसंख्यक विद्यालयों पर निगरानी रखी जायेगी. ई-विद्या वाहिनी मोबाइल एप और वेब आधारित एप्लीकेशन के जरिये स्कूली बच्चों, शिक्षकों और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जायेगी. अगले पांच वर्षों के लिए विकसित किये जानेवाले मोबाइल और वेब एप्लीकेशन में सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों, उनके प्रोग्रेस की रिपोर्ट और स्कूल छोड़नेवाले विद्यार्थियों के सारे आंकड़े फिंगर टिप्स पर उपलब्ध होंगे.

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झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से लागू किये जानेवाले राज्यव्यापी एप को लेकर योग्य वेब एप्लीकेशन डेवलपर, कंपनियों से आवेदन भी मंगाये गये हैं. पांच चरणों में पूरे एप को कारगर तरीके से लागू किया जायेगा.

बीआरपी, सीआरपी की गतिविधियों पर रहेगी नजर

मोबाइल और वेब एप में यू-डाइस के आंकड़े भी रहेंगे. एप में प्रखंड संकुल पदाधिकारी (बीआरपी) और संकुल पदाधिकारी (सीआरपी) की गतिविधियों की जानकारी भी मुहैया करायी जायेगी. इसमें यह आंकड़े दिये जायेंगे कि एक बीआरपी और सीआरपी अपने कार्यों को कैसे अमली जामा पहना रहे हैं. एक विद्यालय के सारे खर्च का ब्योरा भी एप में स्कूल फंड मैनेजमेंट के तहत उपलब्ध होगा. सरकारी राशि का खर्च का हिसाब-किताब, मध्याह्न भोजन प्रणाली की ऑफलाइन मानिटरिंग भी एप के जरिये की जायेगी. स्कूलों में मास्टर साहब और बच्चों की गतिविधियों का रीयल टाइम मॉनिटरिंग भी किया जायेगा.

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क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी

ई-विद्या वाहिनी एप्लीकेशन में स्टूडेंट की उपस्थिति के अलावा शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यालय में चल रही सरकारी सुविधाओं की जानकारी, शिक्षकों की छुट्टी का ब्यौरा, सरकार की अधिसूचना-कार्यालय आदेश, शिक्षकों और बच्चों की समस्या और उसका समाधान, ई-लर्निंग व्यवस्था का आकलन और जिक्र रहेगा.

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