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दो वर्षों में 40 हजार किसानों को नहीं मिला लोन माफी योजना का लाभ

Ranchi : कर्ज माफी की आस में अब भी लाखों किसान इंतजार कर रहे हैं जबकि नयी झामुमो के नेतृत्ववाली राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने को हैं. राज्य सरकार ने 9 लाख 7 हजार किसानों को कर्ज माफी का लाभ देने की योजना तय कर रखी है. इसके एवज में अब तक (दिसंबर 2019 से 20 दिसंबर,2021) कुल 40 हजार किसानों को भी इसका लाभ नहीं मिल सका है.

करीब 50 हजार किसानों (48,262) ने ऑफलाइन तरीके से कर्ज माफी के लिये सरकार के पास अब तक आवेदन डाला है. इनमें से 39 हजार 666 किसानों की ही लोन माफी हुई है. यानि ऑफलाइन आवेदन करने वाले 8596 किसानों को अब भी कर्ज माफी का इंतजार है. हालांकि कृषि विभाग के मुताबिक इन सभी किसानों को भी लाभ दिये जाने की प्रक्रिया जारी है.

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50 हजार तक ही माफी

Sanjeevani
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विधायक प्रदीप यादव ने कृषि, पशुपालन विभाग से विधानसभा के शीतकालीन सत्र में जानना चाहा था कि 2020-21 में कर्ज माफी की स्कीम शुरू की गयी है? 9 लाख 7 हजार किसानों को कर्ज माफी का लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है? ऑफलाइन आवेदन करने वाले किसानों में से आधे से अधिक किसानों को प्रशासनिक लापरवाही के कारण इस लाभ से वंचित रखा गया है? इस पर विभाग ने बताया कि 48262 ऑफलाइन आवेदनों में से 39 हजार 666 को लोन माफी का लाभ मिल चुका है.

कृषि विभाग ने जिन किसानों को कर्ज माफी के लिये चिन्हित किया है, उन्हें 50 हजार तक की ऋण माफी का लाभ दिया जा रहा है. अगले चरण में उसने इससे अधिक की राशि वालों के लिये कर्ज माफी का भरोसा दिलाया है.

50 फीसदी से अधिक किसानों को लाभ

तीन माह पहले विधानसभा के मॉनसून सत्र में कृषि विभाग ने सदन में बताया था कि विभाग की ओर से कर्ज माफी के लिए अब तक 9 लाख 7 हजार किसानों की पहचान की जा चुकी है. ये ऐसे किसान हैं जिन्होंने कर्ज ले रखा है. इनमें से 44.4 फीसदी के अधिक किसानों को कर्ज माफी का लाभ दिया जा चुका है. इसके एवज में सरकार ने बैंकों को 1026.33 करोड़ का भुगतान कर दिया है.

नौ लाख सात हजार किसानों में से पचास फीसदी से अधिक किसानों यानि 5,74,390 का डाटा बैंकों द्वारा अपलोड किया जा चुका है. इनमें से 2,55,130 किसानों का कृषि ऋण माफ कर दिया गया है. बैंकों द्वारा योग्य किसानों का डाटा लगातार अपडेट किया जा रहा है. जैसे-जैसे बाकी किसानों का डाटा अपलोड होता जायेगा, ऋण माफी की कार्रवाई जारी रहेगी.

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