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रांची में आइएएस, आइपीएस और आइएफएस के रहने के लिए बनेंगे 40 बंगले, सर्वे शुरू-जानें खासियत

पुराने विधानसभा एवं शहीद मैदान के 20 एकड़ भूमि पर बनेगा बंगला

जुडको ने दिल्ली की कंपनी शिवा कंस्लटेंट को दी डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी

निखिल कुमार

Ranchi : सरकार के सचिव एवं अन्य वरीय पदाधिकारियों के रहने के लिए शानदार 40 आशियाना बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. आइएएस, आइपीएस और आइएफएस संवर्ग के वरीय पदाधिकारियों के लिए बंगले बनाये जायेंगे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सहमति के बाद जुडको के पदाधिकारी व इंजीनियर शहीद मैदान और पुराने विधानसभा भवन के खाली 20 एकड़ जमीन पर बंगला बनाने के लिए सर्वे शुरू कर दिया है.

 

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जुडको के अधिकारी व कंसलटेंट की टीम विधानसभा के समीप शहीद मैदान स्थित खाली भूखंड और स्थल का जायजा कर लिया गया है. जुडको ने अफसरों के बंगले  के डीपीआर तैयार करने के लिए दिल्ली की एजेंसी शिवा कंसलटेंट का चयन किया है. बंगला निर्माण के लिए बनाये जाने वाले डीपीआर के लिए जमीन व स्थल का मुआयना किया जा रहा है।

बिखरे पड़े हैं अफसरों के आवास

बतातें चलें कि, राज्य गठन के  बाद पहली बार किसी एक स्थान पर ही वरीय पदाधिकारियों के आवास बनाने का फैसला लिया गया है. आइएएस अधिकारियों के रहने के लिए एचईसी व  दीनदयाल नगर (बूटी रोड) में आवास बनाये गये हैं. आइपीएस अधिकारियों के डोरंडा,मोरहाबादी इलाके में आवास हैं. वहीं,वन विभाग के अधिकारियों के क्वार्टर भी कई जगह पर बने हैं. इनमें कुछ आवास राज्य के गठन के बाद बने हों जो अच्छी स्थिति में हैं. कई अधिकारियों को संयुक्त बिहार के समय के ही आवास जीर्णोद्धार कर आवंटित किये गये हैं.

 

आधुनिक सुविधाओं के साथ क्लब,जिम,पार्क,स्वीमिंग पूल भी होंगे

जुडको के अभियंताओं ने बताया कि एक-एक आवास एक-एक हजार वर्गमीटर में होगा. सभी बंगलो में एक मास्टर बेड रूम सहित चार बेड रूम होंगे. बंगलों में लैंड स्केपिंग,आवासीय कार्यालय,किचेन,गेस्टरूम लाउंज, ड्राइंग-डाइनिंग रूम, सर्वेंट क्वार्टर,सिक्यूरिटी गार्ड रूम, स्टोर और गैरेज रहेगा. अध्ययन कक्ष,योग कक्ष,पूजा कक्ष समेत अन्य सुविधाएं भी होंगी. आवासीय परिसर में क्लब भी होगा. यूटिलिटी सेंटर, स्वीमिंग पूल बनाने की भी योजना है. बच्चों के मनोरंजन के लिए पार्क के साथ ओपन स्पेश जिम भी बनेगा. दावा किया जा रहा है कि हर हाल में हरियाली एवं वास्तु की पूरी तरह से ख्याल रखा जायेगा. वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था के लिए बंगलों की छत पर सोलर पैनल लगाने का प्रावधान किया जायेगा. पूरे आवासीय परिसर में जागिंग एवं साइकलिंग के लिए पाथ वे बनाया जायेगा. इसके अतिरिक्त भी अन्य आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जायेगा.

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