JamshedpurJharkhandMain Slider

बिना वर्कऑर्डर 15 में 4 सफाईकर्मी रघुवर आवास पर करते हैं काम, गंदगी से बेहाल है JNAC के लोग

Jamshedpur/Ranchi: जमशेदपुर पूर्वी विधायक सरयू राय लगातार अपने क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को कड़ी नसीहत देते रहे हैं. दूसरी तरफ आज भी पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का दबादबा इतना है कि जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमिटी (जेएनएसी) के 15 में से 4 सफाईकर्मी सिर्फ उनके आवास पर काम कर रहे हैं. इससे स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है.

Jharkhand Rai

लोगों का कहना है कि कर्मियों की कमी के कारण क्षेत्र में सफाई व्यवस्था का हाल बदहाल है. लेकिन पूर्व सीएम नियमों की धज्जी उड़ा रहे हैं. इससे जुड़ा एक वीडियो अभी वायरल हुआ है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि वर्कऑडर में पूर्व सीएम के आवास पर इन कर्मियों को कामों का आवंटन नहीं हुआ है. इसके बावजूद जेएनएसी के अधिकारी नियमों को ताक पर रख उनके आवास पर सफाईकर्मियों को भेज रहे हैं.

इसे भी पढ़ें – NEET-JEE एग्जाम: मोदी सरकार के दो मंत्रियों के अलग-अलग बयानों पर JMM ने उठाया सवाल, हेमंत ने मांगे सुझाव

पुराने नियमों का हवाला दे भेजा जा रहा कर्मी

वीडियो में एक व्यक्ति जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमिटी (जेएनएसी) के एक अधिकारी (फोन पर नाम घोष बाबू बताया गया है) से बात करता दिख रहा है. व्यक्ति साफ कहता दिख रहा है कि क्षेत्र की सफाई व्यवस्था बने रहे, इसके लिए विधायक सरयू राय हर संभव कदम उठा रहे हैं. दूसरी तरफ जेएनएसी के अधिकारी बिना वर्क ऑर्डर के पहले की नियमों का हवाला देते हुए पूर्व सीएम के आवास पर सफाईकर्मियों को भेज रहे हैं.

Samford

पीड़ित व्यक्ति जेएनएसी के अधिकारी को कह रहा है कि क्षेत्र की सफाई जरूरी है. आखिर किसके आदेश से पूर्व सीएम के यहां 4 कर्मियों को भेजा जा रहा है. इसपर घोष बाबू पुराने नियमों का हवाला देते हैं. पीड़ित व्यक्ति यह भी कहता है कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री के आवास पर सफाई का काम करना है, तो वर्कऑर्डर में पहले यह मेंशन करा दीजिए कि वहां सफाईकर्मियों को भेजना है.

घरों में अंदर चला जाता है नाली का पानी

एक अन्य वीडियो में नाली की बदहाल स्थिति पर भी जानकारी दी गयी है. एक महिला से पूछा गया है कि कितने दिनों से नाली की सफाई नहीं हुई है, इसपर बताया गया कि 2 महीनों से नाली की सफाई नहीं हुई है. जब भी साफ हुई है,तो नाली से गंदगी निकालकर वहीं छोड़ दिया जाता है. इससे वापस गंदगी नाली में ही गिर जाता है. बरसात में नाली का पानी घर के अंदर तक आ जाता है. स्थानीय लोग कई बार गंदगी की शिकायत कर चुके हैं. लेकिन कोई सुनने वाला नहीं.

स्वच्छता निरीक्षक ने माना, वर्कऑर्डर के बिना सफाईकर्मियों को भेजा जाना गलत

जेएनएसी क्षेत्र में स्वच्छता निरीक्षक काम कर देख रहे शांतनु घोष से मामले की जानकारी ली गयी. न्यूजविंग से बातचीत में उन्होंने यह स्वीकार किया है, कि वर्कऑर्डर के बिना किसी के आवास पर सफाईकर्मियों को भेजना गलत है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सफाई का काम कराने के लिए कुछ-कुछ कर्मियों को इधर-उधर किया भी जाता है. आगे से यह देखा जाएगा कि इस तरह के काम पर रोक लगें.

इसे भी पढ़ें – मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने RIMS में डोनेट किया प्लाज्मा, कहा- जीवन दान देना सबसे बड़ी पूजा

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: