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4 ओलंपियन व 253 राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को नौकरी देने के लिए 11 को होगी प्रमाणपत्रों की जांच

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Ranchi: झारखंड सरकार ने खेल कोटा के तहत राज्य के खिलाड़ियों को नौकरी देने की प्रक्रिया चालू कर दी है.

खेल विभाग 4 ओलंपियन और 253 राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को नौकरी के लिए 11 फरवरी को प्रमाणपत्रों की जांच करेगा.

बता दें कि राज्य बनने के 19 सालों के बाद भी अब तक सिर्फ पांच खिलाड़ियों को खेल कोटा से नौकरी दी गयी है. इसके लिए विभाग ने पहल कर दो बार आवेदन मंगाये थे.

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अब नयी सरकार के गठन के बाद इस दिशा में सरकार आगे बढ़ चुकी है. विभाग के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि प्रमाणपत्रों को सही पाये जाने के बाद उन्हें नियुक्त कर लिया जायेगा.

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19 सालों में सिर्फ पांच खिलाड़ियों को नौकरी

राज्य गठन के 19 साल के बाद भी सिर्फ पांच खिलाड़ियों को ही राज्य सरकार ने नौकरी दी है. सभी पांचों खिलाड़ियों को नौकरी सिर्फ पुलिस विभाग में मिली है.

अन्य किसी भी विभाग में आज तक किसी भी खिलाड़ी को नौकरी नहीं दी गयी है. राज्य सरकार द्वारा निकलने वाले सरकारी नौकरी के विज्ञापन में भी पॉलिसी के तहत दिये जाने वाले 2 प्रतिशत आरक्षण का भी जिक्र नहीं होता और न ही लाभ मिल पाता है.

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2007 में बनी थी पॉलिसी

2007 में  खिलाड़ियों को नौकरी देने के लिए पॉलिसी बनी थी. इसमें सरकारी नौकरियों में मेडल प्राप्त खिलाड़ी को 2 प्रतिशत आरक्षण देने की बात कही गयी थी.

लेकिन पॉलिसी बनने के बाद 11 सालों में 11 खिलाडियों को भी नौकरी नहीं मिल पायी. 2007 में पॉलिसी तो बनी पर वह सिर्फ कागजों पर सीमित रह गयी. रघुवर दास की सरकार ने नई खेल पॉलिसी बनाने की बात भी कही थी पर बनी नहीं.

पलायन कर रहे खिलाड़ी

राज्य सरकार की बेरुखी के कारण राज्य को मेडल दिलाने वाले कई खिलाड़ियों ने दूसरे राज्यों का रुख कर लिया है. वे अब दूसरे राज्यों के लिए अपना जौहर दिखा रहे हैं.

दूसरे राज्य की सरकार ने इन खिलाड़ियों की सुध भी ली है. वहां पर खिलाड़ियों को सरकार ने नौकरी भी दी है. सरकारी बेरुखी के कारण राज्य का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों की उम्र भी सरकारी नौकरी की उम्मीद में खत्म हो गयी है.

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