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कुएं की सफाई के दौरान दम घुटने से 4 मजदूरों की मौत, जाने कैसे हुई घटना

Giridih : जिले में दर्दनाक हादसा हुआ है. कुएं की सफाई करने के दौरान दम घुटने से चार लोगों की मौत हो गई. मामला देवरी थाना क्षेत्र के बरवाबाद पंचायत के बरवाबाद गांव की है. बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी के बाद कई गांव के ग्रामीण घटनास्थल में जुटने शुरु हो गए. जानकारी के बाद देवरी थाना प्रभारी सरोज कुमार चौधरी भी जवानों के साथ पहुंचे. थाना प्रभारी ने मृतकों के परिजनों को ढ़ांढस बंधाया. चार लोगों की मौत के बाद गांव में कोहराम मच गया है. परिजन दहाड़ मार कर रोने लगे. परिजनों के चीत्कार से माहौल गम में बदल गया.

सफाई के दौरान गैस रिसाव को लेकर शुरुआती जांच में कोई लापरवाही सामने नहीं आई है. मामले में पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है.

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घटना के संबंध में बताया जाता है कि गिरजा विश्वकर्मा अपने कुएं की सफाई करवा रहा था. कुएं से पानी कम करने के लिए मशीन लगाया गया. मशीन का पाइप छोटा पड़ जाने के वजह से मशीन को रस्सी में बांध कर कुएं में लटकाया गया. इसके बाद मशीन चालू कर पानी कम किया गया. इसके बाद दो लोगों को सफाई के लिए कुएं के अंदर भेजा गया.

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इसमें गिरिजा के बेटे दिगंबर विश्वकर्मा के 38 वर्षीय साले और जमुई के खैरा थाना क्षेत्र निवासी सागर विश्वकर्मा और उसके करीबी दोस्त जमुई के ही खैरा निवासी और 35 वर्षीय अबोध राणा शामिल थे.

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दोनों सपाई के लिए उतरे ही थे कि गैस रिसाव शुरू हो गया. इस दौरान गैस से दोनों की हालत खराब होने लगी. दोनों को बचाने के लिए बरवाबाद गांव के महेश विश्वकर्मा और भिखारी विश्वकर्मा कुंए अंदर गए. और गैस रिसाव की चपेट में आ गए.

बताया जा रहा है कि जानकारी मिलने पर मृतक भिखारी का भाई महेन्द्र विश्वकर्मा किसी तरह कुंए में घुसा और चारों को कुंए से बाहर निकाला, लेकिन तब तक सागर, अबोध राणा और महेश विश्वकर्मा की मौत हो चुकी थी, जबकि भिखारी की हालत गंभीर थी.

उसे इलाज के लिए जमुआ पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए शहर के नर्सिंग होम भेजा, वहां उसे भी मृत घोषित कर दिया गया. सभी को बचाने की पहल करने वाले महेंद्र विश्वकर्मा को इजास के लिए धनबाद रेफर किया गया है.

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