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4.50 करोड़ का विश्वा भवन, 22 कमरे, 27 लाख का सालाना मेंटेनेंस और बुकिंग मात्र 45-60 दिन ही

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– सरकार का दावा, नहीं हो रहा है घाटा
– एक हजार रुपये में एक दिन के लिए होती है एक कमरे की बुकिंग

Ranchi : राजधानी में पेयजल और स्वच्छता विभाग ने गेस्ट हाउस और प्रशिक्षण केंद्र के नाम से जाने जाने वाले विश्वेश्वरैया (विश्वा) संस्थान को बनवाया है. 4.50 करोड़ रुपये की लागत से गेस्ट हाउस, कांफरेंस रूम और डायनिंग हॉल बनाया गया है.

इस भवन के मेंटेनेंस पर सालाना 27 लाख रुपए सरकार की तरफ से खर्च किए जा रहे हैं. इससे होने वाली आमदनी सालाना होने वाले मेंटेनेंस का आधा भी नहीं है. लेकिन इस बात से विभाग को इत्तेफाक नहीं है. विभाग का कहना है कि भवन पर होने वाला खर्च ज्यादा होने के बावजूद घाटा नहीं हो रहा है.

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22 में से 18 कमरे लगते हैं किराए पर

कॉन्फ्रेंस हॉल में 100 लोगों के प्रशिक्षण की व्यवस्था है. विश्वा में 22 कमरे बनाये गये हैं. यह सभी डबल बेड कमरे हैं, जिसकी बुकिंग विभाग के प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) के निदेशक सुधाकांत झा करते हैं. 22 में से अभी 18 कमरे की हालत ही सही हैं. एक कमरे की बुकिंग एक हजार रुपये में की जाती है.

साल में 45 से 60 दिन ही इस गेस्ट हाउस की बुकिंग होती है. वे भी एक साथ 18 सभी कमरों की बुकिंग गाहे-बगाहे ही हो पाती है. सरकार की तरफ से विभागीय स्तर पर होनेवाले सभी प्रशिक्षण, जल सहिया की ट्रेनिंग और किसी खास सम्मेलन के लिए बुकिंग की जाती है. यानी सरकार को इस गेस्ट हाउस से अधिकतम 10.80 लाख रुपये ही होती हैं.

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एजेंसी को हर महीने दिया जा रहा है 2.25 लाख से अधिक

विश्वा के मेंटेनेंस के लिए राज्य सरकार की तरफ से कान्हा रेस्टूरेंट को जवाबदेही सौंपी गयी है. यह कार्यादेश पिछले वर्ष अप्रैल माह में दिया गया है. एजेंसी को रख-रखाव, जेनरेटर की सुविधा, गार्डेनिंग, फूडिंग एंड कैटरिंग और सिक्यूरिटी का जिम्मा दिया गया है. महीने में एजेंसी को 2.25 लाख रुपये सरकार की ओर से दिये जा रहे हैं. यहां पर एजेंसी की तरफ से आधा दर्जन कर्मियों को ही रख-रखाव के कार्य में लगाया गया है. इसमें गेस्ट हाउस में बने लाइब्रेरी का जिम्मा भी शामिल है. पूर्व में यह काम हॉटलिप्स को मिला हुआ था.

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सरकार का दावा नहीं हो रहा घाटा

पेयजल और स्वच्छता विभाग के अवर प्रमंडल गोंदा के कार्यपालक अभियंता टीपी चौधरी का कहना है कि विभाग का यह संस्थान घाटे में नहीं है. यह मुनाफे में है. एजेंसी को दिये जानेवाले खर्च के बाद भी विभाग को इस संस्थान के संचालन से मुनाफा हो रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार के सभी कार्यक्रम इसी में होते हैं. इस दौरान सभी कमरे भरे रहते हैं. सरकार की तरफ से कमरे की बुकिंग के लिए एक हजार रुपये का शुल्क भी तय कर दिया गया है.

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