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एक फार्मासिस्ट के लाइसेंस पर चल रहीं 4-5 दवा दुकानें

Ranchi : दवा दुकान के संचालन के लिए फार्मासिस्ट का लाइसेंस होना जरूरी है. लेकिन राज्य में स्थिति कुछ ऐसी है कि हजारों दवा दुकानें बिना लाइसेंस के ही चल रही हैं. वहीं कई ऐसी भी दुकानें हैं जो एक ही लाइसेंस पर चल रही हैं. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक फार्मासिस्ट के लाइसेंस पर 4-5 दुकानें चल रही हैं. फिर भी विभाग के अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं है. जिससे समझा जा सकता है कि कैसे खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ायी जा रही हैं.

रजिस्टर्ड हैं 7 हजार फार्मासिस्ट

राज्यभर में 7000 फार्मासिस्ट रजिस्टर्ड हैं. जिनमें से आधे तो सीसीएल, बीसीसीएल, टाटा के अलावा कछ प्राइवेट कंपनियों में भी काम कर रहे हैं. इसके बाद पूरे राज्य में 3500 ही फार्मासिस्ट बचते हैं. जिससे समझा जा सकता है कि कैसे राज्यभर में एक फार्मासिस्ट के भरोसे कई दुकानें चल रही हैं. सिर्फ राजधानी रांची की बात करें तो यहां पर 3000 से अधिक दवा दुकानें हैं. जिनमें हर किसी के पास रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट नहीं है. फार्मासिस्ट एसोसिएशन की मानें तो झारखंड में 15000 से अधिक दुकानें चल रही हैं.

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लाइसेंस के बाद ट्रेनिंग भी जरूरी

पढ़ाई के बाद फार्मासिस्ट को दवा दुकान में दवा देने के लिए ट्रेनिंग करना भी जरूरी है. इसके लिए प्रॉपर कोर्स करने के बाद ट्रेनिंग करना जरूरी है. इसके बाद ही फार्मासिस्ट दुकान में दवा बेचने के लिए योग्य होंगे. इसे लेकर फार्मेसी काउंसिल ने पहले ही सर्कुलर जारी कर दिया है. बिना कोर्स और ट्रेनिंग के दवा दुकान में काम करनेवाले व्यक्ति को सजा भी दिये जाने का प्रावधान है. इतना ही नहीं, संस्थान के संचालक पर कार्रवाई भी करने का निर्देश दिया गया है. ऐसे में विभाग की सुस्ती का लाभ दवा दुकान संचालक उठा रहे हैं.

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फार्मासिस्ट को हर साल कराना है रिन्युअल

फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के बाद लाइसेंस जारी किया जाता है. जिसकी वैलिडिटी एक साल के लिए होती है. यह वैलिडिटी 1 जनवरी से लेकर 31 दिसंबर के पीरियड के लिए ही होती है. ऐसे में फार्मासिस्ट को हर साल लाइसेंस का रिन्युअल कराना है. लेकिन कई ऐसे भी फार्मासिस्ट हैं जिनका लाइसेंस फेल हो चुका है. फिर भी वे रिन्युअल कराने नहीं आ रहे हैं.

इस मामले में झारखंड फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि हमारा काम रजिस्ट्रेशन करना है. इसके बाद उसे लाइसेंस मिल जाता है कि वह दवा दुकान में काम कर सकता है. उसके लाइसेंस पर ही संचालक दुकान चला सकता है. एक लाइसेंस पर एक ही दुकान के संचालन का नियम है. वहीं ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट में यह भी नियम है कि जो दुकानें 8 घंटे से ज्यादा या 24 घंटे खुली रहती हैं वहां कम से कम 3 रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट होने चाहिए. जिन लोगों ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है अब उन दुकानों को सील किया जायेगा.

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