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झारखंड में सक्रिय हैं 39 छोटे-बड़े गैंग, वसूल रहे रंगदारी, नहीं देने पर रच रहे हत्या की साजिश

Ranchi. राज्य के अलग-अलग जिले में करीब 39 अपराधिक गैंग सक्रिय हैं. राज्य में सक्रिय छोटे से लेकर बड़े आपराधिक गैंगों के द्वारा बड़े पैमाने पर व्यवसायी, नेता और ठेकेदारों से रंगदारी मांगी जा रही है. नहीं देने पर जान से मारने की धमकी और हमला भी करवाया जा रहा है.

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रंगदारी मांगने की कई घटनाओं का पुलिस को पता चलता भी है लेकिन कई ऐसे मामले हैं जब लोग डर से पुलिस को बताने से भी डरते हैं. अपराधियों को रंगदारी नहीं देने पर हत्या और गोलीबारी जैसी घटनाओं का अंजाम दिया जा रहा है.

24 जिलों में 39 आपराधिक गिरोह सक्रिय
झारखंड के 24 जिलों में 39 आपराधिक गिरोह सक्रिय हैं. इनमें सबसे ज्यादा अपराधिक गिरोह राजधानी रांची और जमशेदपुर में सक्रिय हैं. हालांकि कई बड़े गैंगस्टर की गिरफ्तारी के बाद झारखंड पुलिस ने कुछ हद तक राहत की सांस ली है, लेकिन अपराध को खत्म करने की उनकी चुनौतियां अभी भी पुलिस के सामने बरकरार है.

कई बड़े अपराधी जिनमें अमन श्रीवास्तव, लखन सिंह, डेनियल पाल, विजय विरुली, राजेश सिंह और चंदन सोनार अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं. कुछ ऐसे भी अपराधी हैं, जो जेल में बंद हैं. इसमें अनिल शर्मा, फहीम खान,सुजीत सिन्हा, डब्लू सिंह जैसे अपराधी शामिल हैं.

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पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुके भोला पांडेय और सुशील श्रीवास्तव, अमरेन्द्र तिवारी, कुणाल सिंह की मौत हो चुकी है, जबकि पहले के कई ऐसे गिरोह है. जिनकी सक्रियता अब खत्म हो गयी है.

छोटे-बड़े आपराधिक गैंग मांग रहे हैं रंगदारी
झारखंड के रांची, बोकारो, रामगढ़, धनबाद और जमशेदपुर के अलावा राज्य अन्य जिलों के बड़े व्यवसायियों, कोयला कारोबारियों एवं रेललाइन, सड़क और पुल निर्माण करने वाली कंपनियों से छोटे और बड़े अपराधियों के द्वारा रंगदारी की मांग की जा रही है और इसकी वसूली भी की जा रही है. रांची सहित राज्य के अन्य जिलों से भी हर माह मोटी रंगदारी उठा रहे हैं.

सिम बदल कर मांग रहे रंगदारी
अपराधिक संगठन सिम बदल-बदल कर रंगदारी मांग रहे हैं. झारखंड के बड़े अपराधी जेल में बंद रह कर भी सक्रिय हैं. जेल में होते हुए भी रंगदारी मांग रहे हैं. ऐसे कई अपराधी हैं, जिन पर पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने नजर रखी है. अपराधी अमन साव के द्वारा रांची के रांची के चार बड़े कोयला कारोबारी से मोटी रकम लेवी के रूप में मांगी गयी थी.कारोबारी के द्वारा लेवी नहीं दिये जाने के बाद अमन साव ने कारोबारी की हत्या की साजिश रची.

शूटर गिरफ्तार
इसके लिए अमन साव ने अपने शूटर को कारोबारी को मारने के लिए रांची भेजा था.लेकिन इससे पहले 12 जुलाई को पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया. सभी अपराधियों ने कारोबारी को मारने के लिए कई बार प्रयास भी किये लेकिन सफल नहीं हो पाये थे.

साहिबगंज के बोरियो थाना रोड से अपहृत अनाज व्यवसायी अरूण कुमार साह की हत्या कर दी गयी है. अरुण कुमार साह का शव 28 जून की सुबह बोरियो थाना क्षेत्र की तेलो पंचायत में खुले मैदान में पड़ा मिला था. अरुण के आंख पर पट्टी बंधी हुई थी.

गौरतलब है कि बीते 20 जून को अपराधियों ने अरुण कुमार साह का अपहरण कर लिया था. जिसके बाद 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी गयी थी. फिरौती नहीं मिलने और पुलिस का दबाव बढ़ने के बाद अपराधियों ने अरुण कुमार साह की गोली मारकर हत्या कर दी. इस घटना के पीछे नेशनल संथाल लिबरेशन आर्मी गिरोह का हाथ सामने आया है.

मेसर्स एमडी नईम अंसारी एंड असाही इंजीनियरिंग एंड कंस्‍ट्रक्शन प्रा.लि. झिरकी कठारा बोकारो के साइट मैनेजर वरुण विश्वास के गिद्दी हनुमान चौक के सागर चौक स्थित माइंस क्वार्टर में बाइक सवार अज्ञात अपराधियों ने 25 जून को गोलीबारी की थी. अपराधियों ने रंगदारी के लिए गोलीबारी थी. इस मामले में पुलिस ने तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया था. जिसका संबंध अमन श्रीवास्तव गिरोह से बताया गया था.

जेल से जल रहा राज
दुमका जेल में बंद होने के बाद भी अनिल शर्मा अपना सम्राज्य चला रहा है. जेल की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए फोन से ही रांची के व्यवसायी से रंगदारी वसूल रहा है. जेल की व्यवस्था पर सवाल उठने लगते हैं. अनिल शर्मा ने फोन से रांची के एक व्यवसायी से रंगदारी मांगी थी.

13 जुलाई 2019 जेल में बंद अपराधी अनिल शर्मा के राइट हैंड डब्ल्यू सिंह उर्फ डब्ल्यू शर्मा को पुलिस ने रेलवे ठेकेदार की हत्या की योजना बनाने के मामले में गिरफ्तार किया था. डब्ल्यू ने बताया कि अनिल शर्मा के कहने पर उसने तीन ठेकेदारों से 20-20 लाख की रंगदारी मांगी थी.

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