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रिम्स में होगी 370 स्थायी नर्सों की बहाली

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  • जीबी में अनुमोदन, डॉ कामेश्वर प्रसाद होंगे नये निदेशक
  • मरीजों के भोजन के दर को 150 किया गया, रिम्स के बजट पर कोई चर्चा नहीं
  • मंत्री ने कहा, गाड़ी के एजेंडे को खुद नहीं दी थी स्वीकृति

Ranchi: रिम्स की 49वीं शासी परिषद की बैठक में बुधवारी 35 में से 23 एजेंडों की स्वीकृति मिली. इसमें एम्स, नयी दिल्ली के न्यूरोलॉजी विभाग के हेड रहे डॉ कामेश्वर प्रसाद को रिम्स का निदेशक बनाने के निर्णय का अनुमोदन किया गया. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जीबी की प्रोसीडिंग्स के बाद इसकी अधिसूचना जारी की जायेगी.

बैठक में पिछले तीन सालों से विवाद में रह रहे 362 पदों पर स्थायी नर्सो की बहाली के लिए निकाले गये विज्ञापन को रद्द कर फिर से 370 पदों के लिए रिक्तियां निकालने पर सहमति बनी है. इसके अलावा, विवाद में चल रहे मेडिसिन डॉ उमेश प्रसाद को जीबी ने आरोप मुक्त कर दिया है. सबसे अधिक विवाद में रहे थर्ड और फोर्थ ग्रेड के कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया को हरी झंडी भी दे दी गयी है. 145 कर्मचारियों की नियुक्ति पर सहमति बनी है.

बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि मरीजों को ओपीडी में इलाज कराने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऑर्थो ओपीडी, गायनी ओपीडी आदि पहले तल्ले में हैं, मरीजों को वहां पहुंचने में परेशानी हो रही है. ऐसे में सभी को व्यवस्थित किया जायेगा.

सर्वसम्मति से सेंट्रल इमरजेंसी को सुदृढ़ करने के एजेंडे को भी स्वीकृति दी गयी. न्यूरो सर्जरी विभाग के आइसीयू के लिए एयर कूल्ड डक्टेबल कंडेंसिंग यूनिट डबल स्किन एयर हैंडलिंग यूनिट के साथ के इंस्टॉलेशन के लिए 36 लाख 78 हजार 500 रुपये की स्वीकृति भी हो गयी.

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मंत्री ने कहा- गाड़ी के एजेंडे को खुद नहीं दी स्वीकृति

इधर, बैठक के बाद मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि 24वें एजेंडे में उनके लिए गाड़ी क्रय करने की बात थी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी. उन्होंने एजेंडे को स्वीकृति नहीं दी. हालांकि जबकि जब प्रभारी निदेशक से पूछा गया तो उन्होंने पूर्व निदेशक डॉ डीके सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि जीबी की 48वीं बैठक में यह एजेंडा बनाया गया था, इसलिए इस बार भी इसे शामिल किया गया.

इस आरोप का जवाब देते हुए पूर्व निदेशक डॉ डीके सिंह ने कहा कि 48वीं बैठक का एजेंडा सभी के पास है, लोग खुद देख लें कि क्या गाड़ी क्रय की बात एजेंडे में शामिल थी. उन्होंने कहा कि प्रबंधन की गलती पकड़ी गयी इसलिए अब झूठ का सहारा लिया जा रहा है.

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उधर, बैठक से निकलते हुए सांसद सह जीबी के सदस्य संजय सेठ ने भी इसपर चुटकी ली. उन्होंने कहा कि बैठक में जब गाड़ी की चर्चा हुई, तो मंत्री जी का जवाब आया कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. सेठ ने कहा कि ऐसा कहीं होता है कि बगैर अध्यक्ष के जानकारी के एजेंडा बैठक के लिए निर्धारित हो जाये.

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रिम्स के नियमित कर्मियों के लिए बनेगा हेल्थ कार्ड

जीबी की बैठक में रिम्स के स्थायी कर्मियों के लिये एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. सभी स्थायी कर्मियों के लिये हेल्थ कार्ड बनाया जायेगा. इसके अलावा मंत्री ने ब्रीफिंग करते हुए बताया कि मानवीय आधार पर अनुबंध पर कार्यरत कर्मियों को भी इलाज की सुविधा दी जायेगी पर उनके लिए कार्ड नहीं बनाया जायेगा.

इसके अलावा एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत रिम्स के मरीजों के लिए भोजन की दर को 93.50 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये किया गया है.

एम्स दिल्ली की तर्ज पर होगा रिम्स का ट्रॉमा सेंटर

रिम्स में निर्मित ट्रॉमा सेंटर को दिल्ली एम्स की तर्ज पर बनाया जाना है. इसके लिए रिम्स जीबी ने आदेश निर्गत कर दिया है. रिम्स का ट्रामा सेंटर अबतक चालू नहीं हो सका है.

ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों की नियुक्ति के साथ कई जरूरी उपकरण लिये जायेंगे. साथ ही एक और निर्णय के तहत यह भी कहा गया कि रिम्स के इमरजेंसी की दशा-दिशा को सुधारा जायेगा.

रिम्स के दोनों गेट, कैंपस और रोड सुधारने के लिए एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया है. कई जरूरी उपकरणों की खरीदारी सरकार के जैम पोर्टल से की जायेगी.

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