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राज्य में लंबित हैं #Mutation के 34793 आवेदन, हजारीबाग के हैं 5202 मामले

Pravin kumar

Ranchi : लोकसभा और उसके बाद विधानसभा चुनाव  में अंचल कर्मियों की भागीदरी की वजह से जमीन के म्यूटेशन के मामले रुके हुए हैं. राज्य के 265 सर्किल में कुल 34793 आवेदन किये गये हैं, जिसमें 13183 जमीन म्यूटेशन के मामले 30 दिन से अधिक समय से अधर में लटके हुए हैं. जबकि 808 मामले 90 दिन से भी अधिक समय से पेंड़िंग पड़े हुए हैं. राज्य में सबसे अधिक रांची नामकुम सर्किल में 1540, हजारीबाग सदर 2176, धनबाद गोविंदपुर में 1307,कोडरमा सदर में 884 एवं गिरिडीह में 828 आवेदन म्यूटेशन की बाट जोह रहे हैं.

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2014-15 से राज्य में ऑनलाइन म्यूटेशन सिस्टम किया गया चालू

राज्य के कुछ अंचलों में ऑनलाइन म्यूटेशन सिस्टम 2014-15 से शुरू किया गया, इसके बाद ही इसे पूरे राज्य में लागू किया गया. प्रयोग के तौर पर झारखंड में सबसे पहले रांची जिले के इटकी अंचल से ऑनलाइन म्यूटेशन की शुरुआत 2013 में की गयी. फिलहाल राज्य भर में 34793 आवेदन  म्यूटेशन  के लिए किये गये है जिसमें सबसे अधिक हजारीबाग सदर में 2176 म्यूटेशन के लिए आवेदन किये गये है.

ऑनलाइन म्यूटेशन सिस्टम चालू होने के बाद से  2014 -15 से राज्य में कुल म्यूटेशन के लिए 548471 आवेदन किये गये, जिनमें 247079 आवेदनों का निष्पादन किया गया. 2014-15 से आज तक 266599 आवेदन भूमि के सही दस्तावेज नहीं होने के कारण रिजेक्ट किये गये है. या फिर इनमें वैसे मामले भी हैं जिनमें जमीन किसी और की थी जिसे किसी अन्य के द्वारा बेच दिया गया या फिर एक ही जमीन की कई बार अलग-अलग लोगों को राजिस्ट्री करा कर म्यूटेशन के लिए आवेदन दिये गये.

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राज्य में दाखिल खारिज के मामले हैं लंबित

राज्य के कुल 265 सर्किल में कुल 34793 मामले लटके हुए है. जमीन खरीदार जमीन के म्यूटेशन के लिए अंचल ऑफिस की दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन ऑनलाइन म्यूटेशन के चक्कर में उनकी जमीन का दाखिल-खारिज लटका हुआ है. तकनीकी अड़चन और विभाग के  कर्मचारियों के क्रियाकलापों के कारण म्यूटेशन के लंबित मामले बढ़ते ही जा रहे हैं. रांची जिले के विभिन्न अंचलों में जमीन के म्यूटेशन के लिए कई लोगों ने एक साल पहले आवेदन दिया था, लेकिन अभी तक उनका मामला पेडिंग है.

जब ऑनलाइन म्यूटेशन की शुरुआत हुई, तो उम्मीदें जगीं कि म्यूटेशन के लंबित मामलों का जल्द से जल्द निपटारा हो जायेगा. लेकिन, ऑनलाइन म्यूटेशन में आ रही तकनीकी अड़चन के कारण म्यूटेशन के लंबित आवेदनों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ती जा रही है. म्यूटेशन के लिए अप्लाई करने के बाद लोगों को सीओ ऑफिस से कोई समय भी नहीं मिलता. जिस वजह से आवेदक को यह मालूम नहीं होता कि कब उनकी जमीन का म्यूटेशन होगा.

25 दिनों में होना है म्यूटेशन

अंचल ऑफिस में आवेदन जमा होने के 25 दिनों के अंदर जमीन का म्यूटेशन हो जाना चाहिए. लेकिन, यह नहीं हो रहा है. सबसे पहले म्यूटेशन से संबंधित आवेदन अंचल ऑफिस में जमा करना होता है. अंचल की ओर से डाटा एंट्री के बाद टोकन जारी किया जाता है. फिर आवेदन संबंधित हल्का कर्मचारी के पास भेजा जाता है. हल्का ऑफिस में जमीन से संबंधित सारे दस्तावेज की जांच होती है. हल्का कर्मचारी की रिपोर्ट सीआइ के पास भेजी जाती है. सीआइ के थ्रू होते हुए पेपर सीओ के पास आता है. सीओ के हस्ताक्षर के बाद करेक्शन स्लिप जारी किया जाता है. वहीं राज्य के कई अंचलों में इंटरनेट और कंप्यूटर पर्याप्त उपलब्ध नहीं होने के कारण म्यूटेशन में दिक्कतें होती हैं.

राज्य में म्यूटेशन के 34793 मामले लंबित हैं

बोकारो -2259, चतरा-470 दुमका -213, देवघर -551, धनबाद -3883, गोड्डा-27, गढ़वा -1895, गिरिडीह-2368, गुमला-658, हजारीबाग-5202, जमताड़ा-26, कोडरमा-1199, खूंटी-356, लातेहार -283, लोहरदगा -281, पूर्वी सिंहभूम-1112, पश्चिम सिंहभूम-375, पाकुड़ -2202, पलामू -1323, रांची-7846,  रामगढ़-547, सरायकेला-खरसावां-1061 साहेबगंज -418, सिमडेगा-138

30 दिनों से अधिक समय से लंबित हैं 13420 मामले 

30 दिन से अधिक और 90 दिन से कम के आवेदन लंबित रहने के मामले में हजारीबाग जिला पहले स्थान पर है. इसके बाद पाकुड़ और रांची जिला में लंबित आवेदनों की संख्या अधिक है.

बोकारो -765, चतरा-306, दुमका -101, देवघर -122, धनबाद -1233, गोड्डा-18, गढ़वा -1133, गिरिडीह-1306, गुमला-394, हजारीबाग-4074, जामताड़ा-08, कोडरमा-73, खूंटी-0, लातेहार -28, लोहरदगा -1, पूर्वी सिंहभूम-184, पश्चिम सिंहभूम-111, पाकुड़ -1636, पलामू -124, रांची-1185,  रामगढ़-57, सरायकेला-खरसावां-164, साहेबगंज -356, सिमडेगा-43

तीन महीने से अधिक समय से लंबित हैं  898 मामले

राज्य में विवादित भूमि की खरीद फरोख्त के अधिकतर मामले पेडिंग रखे गये हैं. अंचल की ओर से ऐसे मामलों को आपत्ति के साथ पेडिंग में रखा गया है. ऐसे मामलों को रिजेक्ट नहीं किया गया है. ऐसे मामले में रांची जिला सबसे अव्वल है. 272 मामले पिछले कई महीनों से लंबित हैं. वहीं गिरिडीह,  बोकारो, धनबाद और खरसवा जिला में भी ऐसे मामलों की संख्या अधिक है.

बोकारो -198, चतरा-13, दुमका -12, देवघर -18, धनबाद -106, गोडडा-0, गढ़वा -28, गिरिडीह-37, गुमला-19, हजारीबाग-31, जमताड़ा-1, कोडरमा-12, खूंटी-02, लातेहार -1, लोहरदगा -0, पूर्वी सिंहभूम-6, पश्चिम सिंहभूम-4, पाकुड़ -34, पलामू -16, रांची-272,  रामगढ़-6, सरायकेला-खरसावां-68 साहेबगंज -12, सिमडेगा-2

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