Ranchi

लॉकडाउन में 34 प्रतिशत परिवारों को आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषण आहार नहीं मिला

24.1% लोगों ने कहा-पोषण आहार की गुणवत्ता खराब, 74.2% लेागों ने बताया अच्छा, लॉकडाउन के तीन महीनों के दौरान सोशल ऑडिट यूनिट और राज्य खाद्य आयोग ने की ऑडिटिंग

Ranchi: लॉकडाउन के दौरान 34 प्रतिशत परिवारों को आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषण आहार नहीं मिला. ये सभी परिवार आंगनबाड़ी केंद्र में रजिस्टर्ड परिवार हैं. वहीं रजिस्टर्ड परिवारों में 66 प्रतिशत को पोषण आहार मिला. यह बातें सोशल ऑडिट यूनिट और राज्य खाद्य आयोग की ऑडिटिंग में सामने आयी.

देश में 25 मार्च से लागू लॉकडाउन के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर ऑडिटिंग की गयी. जिससे जानकारी हुई कि रामगढ़ में सबसे अधिक ऐसे परिवार हैं, जिनको पोषण आहार इस दौरान नहीं मिला. रामगढ़ में 32.4 प्रतिशत परिवार, जामताड़ा में 23 प्रतिशत और गोड्डा में 21 फीसदी परिवार को आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषण आहार नहीं मिला.

इस ऑडिटिंग के अनुसार, 80 प्रतिशत परिवार आंगनबाड़ी केन्द्रों से सेवा प्राप्त कर रहे हैं. जो रजिस्टर्ड परिवार हैं. जबकि 20 प्रतिशत ऐसे परिवार किसी भी आंगनबाड़ी में निबंधित नहीं हैं. इनमें पाकुड में 8.3 प्रतिशत और गिरिडीह में 6.3 प्रतिशत परिवार हैं.

24.1 प्रतिशत लेागों ने कहा गुणवत्ता खराब

ऑडिटिंग के दौरान पोषण आहार की गुणवत्ता और मात्रा पर भी ध्यान दिया गया. जिन परिवारों में यह ऑडिटिंग की गयी, उनमें से 24.1 प्रतिशत लोगों ने पोषण आहार की गुणवत्ता को बहुत ही खराब बताया. जबकि 1.7 प्रतिशत लोग पोषण आहार से संतुष्टि की बात की. 74.2 प्रतिशत लोगों ने पोषण आहार की गुणवत्ता को अच्छा बताया.

पोषण आहार की मात्रा की बात करें तो 20.5 प्रतिशत लोगों ने कहा कि मात्रा सही नहीं है. जबकि 72.1 प्रतिशत लोगों के अनुसार पोषण आहार की मात्रा बिलकुल सटीक है. जिलों की बात करें तो सिमडेगा में 14.7 प्रतिशत परिवार और गिरिडीह में 12.4 परिवार को आंगनबाड़ी केंद्र से सही मात्रा में पोषण आहार नहीं मिला. इस प्रक्रिया के दौरान राज्य खाद्य आयोग को करीब 400 शिकायतें प्राप्त हुईं जो 8000 लोगों से संबंधित थी. सबसे अधिक शिकायतें गोड्डा और पलामू से मिली.

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