न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

टीबी पीड़ित लोगों से भेदभाव को खत्म करने का 33 पंचायतों के मुखिया लेंगे संकल्प

251

Ranchi: झारखंड के 33 पंचायत के मुखिया अपने गांव में टीबी पीड़ित लोगों का समर्थन करने का संकल्प लेंगे. कार्यक्रम राज्य के 22 जिलों में 33 टीबी चैंपियंस समर्थित छह दिवसीय एंटी स्टीगमा अभियान का हिस्सा है. टीबी चैंपियंस यूएसआइडी के समर्थन के साथ रीच संस्था द्वारा कार्यान्वित टीबी कॉल टू एक्शन प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में काम कर रहे हैं. मंगलवार को सिमडेगा और चतरा में अभियान शुरू हुआ.

इसे भी पढ़ें – विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन के पक्ष में नहीं हैं झामुमो विधायक कुणाल षाड़ंगी

सम्मान से पेश आने के हक के बारे में जागरुकता बढ़ाने की उम्मीद

इस अभियान के माध्यम से टीबी चैंपियंस टीबी पीड़ित लोगों के साथ होनेवाले भेदभाव और उनके लिए समाज के द्वारा सम्मान से पेश आने के हक के बारे में जागरुकता बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं. अभियान टीबी से पीड़ित लोगों से प्रति सार्वजनिक स्थानों में गैर भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने के तरीकों के लिए जागरुकता बढ़ायेगा. पंचायत प्रमुख टीबी से पीड़ित लोगों का समर्थन करने एवं प्रोत्साहित करने की दिशा में योगदान देंगे.

इसे भी पढ़ें – सरयू राय ने बार काउंसिल के सदस्यों को पत्र लिखा, कहा – मेरे खिलाफ की गयी टिप्पणियों को रद्द करते हुए मुझे अपना पक्ष रखने दिया जाये

अभियान का नेतृत्व कर रहे टीबी चैंपियनों ने टीबी के दौरान काफी भेदभाव का अनुभव किया है. सिमडेगा के रहने वाले टीबी चैंपियन अपना अनुभव साझा करते हुए कहते हैं टीबी के इलाज के दौरान मेरे परिवार के सदस्य मुझसे काफी नाराज हो जाते थे. मुझे दूरी बनाए रखते थे. मैं 2014 में ठीक हो गया उसके बाद से मैंने टीबी जागरुकता के लिए काम करना शुरू कर दिया. जब भी टीबी के समुदाय से कोई मुझसे मिलने आता है तो वह मुस्कुरा स्वागत करते हैं.

Related Posts

100 रुपये में #IAS बनाता है #UPSC, #Jharkhand में क्लर्क बनाने के लिए वसूले जा रहे एक हजार

झारखंड में बनना है क्लर्क तो आइएएस की परीक्षा से 10 गुणा ज्यादा देनी होगी परीक्षा फीस.

इसे भी पढ़ें – तीन माह में राज्य से 45 प्रतिशत कुपोषण समाप्त करें, कुपोषण मुक्त पंचायत को एक लाख रुपये देने की घोषणा : मुख्यमंत्री

लापरवाही और समर्थन की कमी के कारण अतीत में हमने कई जानें गंवायीं

संकल्प लेने के बाद गुमला से रामपुर पंचायत के मुखिया रोसाला सोरेन कहा कि टीबी से पीड़ित लोग हमसे अलग नहीं हैं. हमें उनके संघर्षों का सामना करने में उनकी मदद करनी चाहिए. आशा ने कहा कि हमारे गांव में समुदाय के लोगों की लापरवाही और समर्थन की कमी के कारण अतीत में हमने कई जानें  गंवायी हैं. टीबी चैंपियन और जनप्रतिनिधियों के समर्थन के साथ हम टीबी पर विजय प्राप्त कर सकते हैं.

इसे भी पढ़ें – मॉब लिंचिंग और भूख से मौत के मामले में डॉ अजय कुमार ने मानवाधिकार आयोग को लिखा पत्र

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like

you're currently offline

%d bloggers like this: