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एक अप्रैल से कटेगी 32 लाख बिजली उपभोक्ताओं की जेब, सूबे में लागू होगी बिजली की नयी दर

नियमत: टैरिफ आवेदन देने के 120 दिन के अंदर नई बिजली दर निर्धारण की प्रक्रिया करनी होती है पूरी

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Ranchi :  राज्य के लगभग 32 लाख बिजली उपभोक्ताओं पर फिर से अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा. उपभोक्ताओं को अपनी जेब ढ़ीली करनी होगी. झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग अब बिजली वितरण द्वारा सौंपे गये टैरिफ आवेदन पर जनसुनवाई शुरू करेगा. जन सुनवाई पांचों प्रमंडलों में की जायेगी. नियमत: टैरिफ आवेदन देने के 120 दिन के अंदर बिजली दर निर्धारण की प्रक्रिया पूरी करना होती है. सूत्रों के अनुसार, मार्च तक सभी प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी और एक अप्रैल से प्रदेश में नई बिजली दर लागू हो जायेगी.

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35 आपत्तियों पर भी होगी जनसुनवाई

पांचों प्रमंडलों में झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा जतायी गई 35 आपत्तियों पर भी सुनवाई की जायेगी. बिजली वितरण निगम द्वारा सौंपे गये प्रस्ताव के मुताबिक शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दर छह रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है. वर्तमान में कुटीर ज्योति के लिए 4.40 रुपये प्रति यूनिट लिये जाते हैं. इसे बढ़ाकर 6.00 रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है. इस हिसाब से इस कैटेगरी में 1.60 रुपये प्रति यूनिट का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. ग्रामीण उपभोक्ताओं से वर्तमान में 4.75 रुपये प्रति यूनिट की दर से चार्ज लिया जाता है. इसे भी छह रुपये प्रति यूनिट करने का प्रस्ताव है. इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं पर प्रति यूनिट 1.25 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा. शहरी उपभोक्ताओं से वर्तमान में 5.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से चार्ज लिया जाता है. इसे भी प्रति यूनिट छह रुपये करने का प्रस्ताव है. शहरी उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 50 पैसे ज्यादा  देने होंगे. वितरण निगम ने पूरे घाटे को पाटने के लिए 21,629.49 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया है.

इन प्रमुख बिंदुओं पर है आपत्ति

  • वितरण निगम ने टैरिफ आवेदन में कहा है कि तिलका मांझी पंप योजना के तहत दो लाख किसानों को लाभ होगा. इसपर नियामक आयोग ने पूछा है कि किस तरह दो लाख किसानों को लाभ होगा, इसका पूरा ब्योरा उपलब्ध करायें.
  • आयोग ने आपत्ति जताई है कि टैरिफ आवेदन का परफॉर्मा आयोग के परफॉर्मा में क्यों नहीं दिया गया.
  • डीवीसी को डिले पेमेंट सरचार्ज(डीपीएस) के तहत 352.85 करोड़ देने का क्या औचित्य है. इसका ब्योरा उपलब्ध करायें.
  •  पावर ट्रेडिंग कॉरपोरेशन (पीटीसी) और आइइएक्स से शॉर्ट टर्म पावर पर्चेज एग्रीमेंट जो किया गया है, उसका पूरा ब्योरा उपलब्ध करायें.
  • अब तक किन-किन स्त्रोतों से बिजली की खरीद की गई, इसका भी पूरा ब्योरा उपलब्ध करायें.
  • आयोग ने पूछा है कि वर्तमान में ट्रांसमिशन कॉस्ट 2.23 फीसदी है तो आप 9.64 फीसदी क्यों मांग रहे हैं.
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नियामक आयोग ने रखी अपनी बात

झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने अपनी बात रखते हुये कहा है कि आयोग ने पूरी पारदर्शिता बरतते हुये आवेदन में पाई गई खामियों को पब्लिक डोमेन में उपलब्ध करा दिया है. समय-सीमा के अंदर उपभोक्ता इन आपत्तियों पर सुझाव दे सकते हैं.

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