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सरकारी स्कूलों में हेडमास्टर के 3,096 पद खाली, निजी स्कूल के शिक्षक भी बन सकेंगे प्रिंसिपल

Ranchi : झारखंड के मिडिल स्कूल में प्रिंसिपल नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है. नियुक्ति को लेकर नियमावली बनायी गयी है. जिसपर मोहर लगना बाकि है. शिक्षा मंत्री तक प्रस्ताव भेजा जा चुका है. शिक्षा मंत्री का मुहर लगते ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी.

नियुक्ति के इस नये प्रस्ताव का लाभ न केवल सरकारी स्कूल शिक्षकों को मिलेगा बल्कि निजी स्कूल शिक्षक भी लाभांवित होंगे. गौरतलब है कि राज्य गठन के बाद यहां के सरकारी स्कूलों में हेडमास्टर की नियुक्ति हुई ही नहीं है. अब तक प्रभार के भरोसे कामकाज चल रहा है. राज्य के स्कूलों में प्रिंसिपल के 3226 पद सृजित हैं. जबकि मात्र 130 हेडमास्टर ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 3226 सृजित पदों में से वर्तमान में 3096 पद खाली हैं.

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साल 2017 में JPSC ने निकाली थी नियुक्ति

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प्रिंसिपल नियुक्ति के लिए पहली बार 23 फरवरी 2017 को 668 पदों के लिए विज्ञापन निकाला था. विज्ञापन जेपीएससी की ओर से निकाला गया था. जिसे बाद में किसी जरूरी कारण का हवाला देते हुए 18 सितंबर 2019 नियुक्ति वाले विज्ञापन को रद्द कर दिया. प्रिंसिपल के पद को सीधी नियुक्ति के अलावा प्रमोशन कर भरना था, लेकिन प्रमोशन नियमावली में संशोधन नहीं होने की वजह से ऐसा करना संभव नहीं हो पाया.

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अब परीक्षा देकर बन सकेंगे प्रिंसिपल

नयी नियुक्ति प्रस्ताव के मुताबिक प्रोन्नति प्रक्रिया को समाप्त कर परीक्षा लाया गया है. इस परीक्षा को पास करने वाले शिक्षक प्रिंसिपल बनेंगे. इस परीक्षा में निजी स्कूल के वैसे शिक्षक जिनके पास कम से कम 10 वर्ष पढ़ाने का अनुभव हो और वे स्नातकोत्तर प्रशिक्षित (पीजीटी) हों, बैठ सकेंगे. कुल खाली पदों में से 20 फीसदी निजी स्कूल के शिक्षकों से और 80 फीसदी पद मध्य विद्यालयों के शिक्षकों से भरे जायेंगे. लेकिन मध्य विद्यालय के शिक्षकों को भी परीक्षा पास करनी होगी.

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बिना हेडमास्टर के हैं राज्य के सात जिलों के स्कूल

जानकारी के अनुसार, राज्य के 24 जिलों में सात ऐसे जिले हैं, जहां के मीडिल स्कूलों में एक भी स्थायी हेडमास्टर नहीं हैं. इन जिलों में हजारीबाग, चतरा, सरायकेला, लोहरदगा, रामगढ़, साहेबगंज व पाकुड़ शामिल है. इसके अलावा प्राइमरी स्कूलों की बात करें तो रामगढ़, कोडरमा, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा व जामताड़ा में एक-एक स्थायी हेडमास्टर है.

खाली पदों की संख्या की बात करें तो लोहरदगा में 74, धनबाद में 236, गढ़वा में 137, गुमला में 113, रांची में 292, चतरा में 81, खूंटी में 64, हजारीबाग में 124, कोडरमा में 53, बोकारो में 106 और रामगढ़ में हेडमास्टर के 53 पद रिक्त हैं.

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