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1051 सृजित पद में 300 इंस्ट्रक्टर, 58 सरकारी ITI के बच्चे कैसे बनेंगे हुनरमंद!

Ranchi : स्किल डेवलपमेंट में राज्य सरकार की ओर से चलाये जा रहे आइटीआइ संस्थानों को महत्वपूर्ण योगदान है. लेकिन जिन संस्थानों पर युवाओं को हुनरमंद बनाने की जिम्मा है, वह खुद की बदहाली झेल रहा है. राज्य में 58 सरकारी आइटीआइ हैं, जो श्रम और कौशल विकास विभाग की ओर से संचालित किये जा रहे हैं.

इन आइटीआइ संस्थानों से निकलने वाले युवाओं के हाथ कितने हुनर होते होंगे, इसका अंदाजा इंस्ट्रक्टर की संख्या से लगाये जा सकते हैं. राज्य सरकार की ओर से चलाये जा रहे आइटीआइ में इंस्ट्रक्टर की संख्या सृजित पद से आधे से भी कम है.

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1051 पद में 300 ही हैं इंस्ट्रक्टर

सरकार की ओर से आइटीआइ संस्थानों की व्यवस्था सुधारने में केवल बाहरी रूप से ही ध्यान दिया गया है. आइटीआइ की बिल्डिंग से लेकर लैब की स्थिति तो एक हद तक ठीक है. लेकिन सबसे अहम बिंदु यानी पढ़ाने वाले शिक्षक की आती है जो काफी खराब है. राज्य के 58 आइटीआइ में केवल 300 इंस्ट्रक्टर हैं, जबकि पद 1051 है.

यानी एक तिहाई इंस्ट्रक्टर के भरोसे हजारों छात्र तकनीकी ज्ञान की जगह केवल डिग्री ले रहे हैं. प्रैक्टिकल नॉलेज नहीं होने से छात्रों का स्किल डेवलपमेंट नहीं होता है. ऐसे में उन्हें प्राइवेट कंपनी में 10 से 15 हजार वेतन पर काम करना पड़ता है.

सरकारी आइटीआइ में शिक्षा का हाल राजधानी के इटकी रोड स्थित आइटीआइ के उदाहरण से समझ सकते हैं. इटकी रोड स्थित आइटीआइ में 60 में से केवल 16 इंस्ट्रक्टर ही हैं. दो वर्ष पहले इसकी बिल्डिंग का रिनोवेशन करवाया गया. यहां भी सबसे बड़ी समस्या इंस्ट्रक्टर की है. इंस्ट्रक्टर के सृजित पद 60 हैं, लेकिन कार्यरत केवल 16 हैं.

यानी केवल 25 प्रतिशत इंस्ट्रक्टर के भरोसे राजधानी स्थित आइटीआइ के छात्र डिग्री ले रहे हैं. झारखंड बनने के बाद वर्ष 2011-12 में केवल एक बार 250 इंस्ट्रक्टर की नियुक्ति हुई थी. इसके बाद कार्यरत इंस्ट्रक्टर धीरे-धीरे सेवानिवृत होते गये, लेकिन नियुक्ति नहीं हुई.

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20 साल से नहीं हुई है नियुक्ति, 2026 में एक भी प्राचार्य नहीं

आइटीआइ संस्थानों में केवल इंस्ट्रक्टर की समस्या नहीं है. प्राचार्यों की स्थिति भी खराब है. राज्य के 58 आइटीआइ को केवल सात प्राचार्य संभाल रहे हैं. असल में राज्य गठन के बाद प्रिंसिपल की भी नियुक्ति हुई ही नहीं. वर्तमान में जो प्रिंसिपल हैं, वे वर्ष 2021 से सेवानिवृत्त होने लगेंगे और वर्ष 2026 तक सभी रिटायर हो जायेंगे.

तो मिल जायेगा युवाओं को रोजगार

वर्तमान में मजदूर व बाहर नौकरी करने वाले युवा बड़ी संख्या में झारखंड पहुंचे हैं. इनमें हजारों के पास बीटेक और पॉलिटेक्निक के डिग्री धारी हैं. आइटीआइ के खाली पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाती है, तो बड़ी संख्या में बीटेक व पॉलिटेक्निक की डिग्री लिए युवाओं को इंस्ट्रक्टर बनाया जा सकता है.

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6 Comments

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