JharkhandRanchi

मंडल डैम बनाने के लिए पलामू टाइगर रिजर्व के 3.44 लाख पेड़ काटे जायेंगे

Palamu: पलामू के मंडल डैम निर्माण के लिए पलामू टाइगर रिजर्व में पड़नेवाले इलाके के करीब 3.44 लाख पेड़ काटे जायेंगे. हिंदुस्तान टाइम्स के रिपोर्ट के मुताबिक पेड़ की कटाई की मंजूरी वन विभाग की ओर से दे दी गयी है. वहीं डैम बनाने के लिए स्टेज वन और स्टेज टू का फॉरेस्ट क्लियरेंस दिया जा चुका है. जबकि डैम बनाने के लिए वन विभाग के द्वारा फॉरेस्ट क्लियरेंस की कुछ शर्तों का सरलीकरण कर दिया है. मंडल डैम में 2266.72 एकड़ वन भूमि शामिल है. जल संसाधन विभाग वन विभाग के पास 461 करोड़ रुपये जमा जा चुका है. भारत सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने अगस्त 2017 में बांध के पुनरुद्धार के लिए वन भूमि के डायवर्जन को मंजूरी दी. मंजूरी में पलामू रिजर्व के बफर क्षेत्र में पेड़ों की कटाई शामिल है.

इसे भी पढ़ें – #PmModi जनसभा की तैयारी का टेंडर 6 सिंतबर को खुलेगा और प्रभात तारा मैदान में 4 तारीख से शुरू हो गया काम

मंडल डैम से सरकार ने क्या रखा था लक्ष्य

उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना (मंडल डैम) का निर्माण पलामू जिले की मुख्य नदी पर हो रहा है. यह परियोजना बड़े बांधों में से एक है. परियोजना स्थल का चयन, सर्वेक्षण एवं अन्वेषण कार्य 1966 के बाद किया गया था. वर्ष 1966-67 में उत्तरी कोयल परियोजना का निर्माण पलामू जिले की मुख्य नदी पर हो रहा है. 1970 में जब पूरे बिहार में अकाल पड़ा था, उस समय अकाल एवं सूखे से निजात पाने के लिए इस परियोजना को योजना आयोग, भारत सरकार के सामने स्वीकृति के लिए भेजा गया था. 1970 में इस परियोजना की अनुमानित राशि 30 करोड़ रुपये थी, जिसमें से 44000 एकड़ कमान क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल, औद्योगिक संस्थानों के लिए जल आपूर्ति एवं 25 मेगावाट जल विद्युत उत्पादन करने की योजना थी. योजना आयोग द्वारा योजना की स्वीकृति सन 1989 के सितंबर में मिली थी. लेकिन, निर्माण कार्य 1972 से 73 में ही शुरू किया गया था. वर्ष 1985 में पुनरीक्षित कर प्राक्कलित राशि को 439 करोड़ रुपये कर दिया गया था.

इसे भी पढ़ें – #INXMediaCase:  कोर्ट का पी चिदंबरम को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश, 19 सितंबर तक रहेंगे तिहाड़ में

222.40 फीट होगी ऊंचाई

इस बांध की ऊंचाई 222 .40 फीट है. इस परियोजना में 405 लाख एकड़ फीट पानी संचय करने का प्रावधान है. इस पानी से सिंचाई करने हेतु मोहम्मदगंज में 2589 फीट लंबा बराज बनाया गया है. मोहम्मदगंज बराज से जिस मुख्य नहर का निर्माण किया गया है, उसकी लंबाई 110 किलोमीटर है. इसके अलावा औरंगाबाद जिले के 3,25,000 एकड़ तथा गया जिले के 75,000 एकड़ सकल कमान क्षेत्र में सिंचाई करने का लक्ष्य रखा गया था.

मंडल डैम के लिए पेड़ काटे जाने पर क्या कहते हैं पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी

मंडल डैम को लेकर पलामू रिजर्व फॉरेस्ट के 3.44 लाख पेड़ काटे जाने पर पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने कहा कि सरकार डीपीआर में संशोधन करे. पेड़ों की कटाई से जैव विविधता को और नुकसान होगा, जिसका परिणाम पलामू, गढ़वा और लतेहार जिला को भुगतना होगा. वहीं डैम बनाने के पूर्व सरकार विस्थापितों को भूमि अधिग्रहण कानून के मुताबिक नये सिरे से चार गुना मुआवजा पहले देना चाहिए.

इसे भी पढ़ें – सीसीएल की जर्जर स्वांग वाशरी धंसी, बाल-बाल बचे 40-50 मजदूर, प्रबंधन का दावा- बंद था प्लांट

Advertisement

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: