Uncategorized

3-तलाक बिल पर सीएम को बधाई देने पर हंगामा, मुस्लिम संगठनों का आरोप : सिलाई मशीन दिलाने के नाम पर सीएम के पास ले जायी गयी थीं मुस्लिम महिलाएं !

Ranchi: ट्रिपल तलाक पर लंबी बहस चलने के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आखिरकार केंद्र सरकार ने इसपर विधेयक लाया. विधेयक आने के बाद भी इसके समर्थन और विपक्ष में कई बातें सामने आयी, लेकिन झारखंड में ट्रिपल तलाक पर बधाई का मामला हंगामे का कारण बन गया है. मामला मुख्यमंत्री रघुवर दास से जुड़ा है. दरअसल केंद्र सरकार द्वारा ट्रिपल तलाक पर लाये बिल को लेकर रांची की लगभग 40 महिलाओं ने 25 दिसंबर को मुख्यमंत्री रघुवर दास से मिलकर बधाई दी. महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कानून मंत्री के प्रति सीएम रघुवर दास को धन्यवाद पत्र सौंपा, लेकिन 26 दिसंबर को छपी खबर के बाद हंगामा और अरोप-प्रत्यारोप शुरु हो गया. मुस्लिम संगठन आमया और झारखंड मुस्लिम युवा मंच ने इसका विरोध करते हुए भाजपा के मुस्लिम नेताओं पर महिलाओं को बरगलाने का आरोप है.

Ranchi: ट्रिपल तलाक पर लंबी बहस चलने के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आखिरकार केंद्र सरकार ने इसपर विधेयक लाया. विधेयक आने के बाद भी इसके समर्थन और विपक्ष में कई बातें सामने आयी, लेकिन झारखंड में ट्रिपल तलाक पर बधाई का मामला हंगामे का कारण बन गया है. दरअसल केंद्र सरकार द्वारा ट्रिपल तलाक पर लाये बिल को लेकर रांची की लगभग 40 महिलाओं ने 25 दिसंबर को मुख्यमंत्री रघुवर दास से मिलकर बधाई दी. महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कानून मंत्री के प्रति सीएम रघुवर दास को धन्यवाद पत्र सौंपा, लेकिन 26 दिसंबर को छपी खबर के बाद हंगामा और अरोप-प्रत्यारोप शुरु हो गया. मुस्लिम संगठन आमया और झारखंड मुस्लिम युवा मंच ने इसका विरोध करते हुए भाजपा के मुस्लिम नेताओं पर महिलाओं को बरगलाने का आरोप है. उन्होंने कहा कि रोजगार और सिलाई मशीन दिलाने के नाम पर महिलाओं को सीएम से मिलने ले जाया गया था, लेकिन वहां ले जाकर बिल के लिए बधाई देने को कहा गया. वहीं भाजपा के झारखंड अल्पसंख्य मोर्चा अध्यक्ष सोना खान का कहना है कि सभी महिलाओं ने अपनी स्वेच्छा से सीएम को बधाई दी है. सभी महिलाएं बिल के समर्थन में हैं. आरोप पूरी तरह से निराधार है.

इसे भी पढ़ेंः  “स्कैम झारखंड” से “इस बार बेदाग सरकार” तक का सफर रहा सेवा के तीन सालः रघुवर

हस्ताक्षर वाले पत्र का पता ही नहीं

मुख्यमंत्री रघुवर दास से मुलाकात करने और बधाई देने वाली 40 महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व झारखंड बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष सोनी तबस्सुम ने किया था. आरोप को लेकर तबस्सुम का कहना है कि मैं वहां एक मुस्लिम महिला होने के नाते गयी थी. सभी महिलाओं ने इस बिल का स्वागत किया है. इस कानून के सर्मथन में हैं. महिलाओं ने धन्यवाद ज्ञापन के पत्र में हस्तक्षार भी किया, जो पार्टी नेता सोना खान के पास है. न्यूज विंग ने सोना खान से हस्ताक्षर वाले पत्र के बारे पूछा तो उन्होंने कहा कि मेरे पास हस्तक्षार वाला पत्र नहीं है. उन्होंने कहा कि पता नहीं है कि हस्तक्षार हुआ था या नहीं, जबकि उन्हीं की पार्टी नेत्री सोनी तबस्सुम ने कहा था मुलाकात के समय सोना खान वहीं थें और उन्हीं के पास सभी महिलाओं ने अपनी सहमति से पत्र पर हस्तक्षार किया था, जिसकी कॉपी उनके पास है. हालांकि न्यूजविंग ने इस बारे में कुछ महिलाओं से बात की तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है. कहा कि अब कुछ नहीं लिखा जाए, तो बेहतर होगा.

इसे भी पढ़ेंः अब ऐसा महाभारत होगा जैसे पहले कभी नहीं हुआ: हेमंत सोरेन

तीन तलाक वाला कोई मामला नहीं हैः थाना

प्रतिनिधिन मंडल में कुछ महिलाएं कडरु की शामिल थीं, जिनके बारे में छपी खबरों के मुताबिक उनके साथ मारपीट की गई थी और अरगोड़ा थाना में केस भी दर्ज हुआ था. न्यूज विंग ने इसके बारे में पता किया तो थाना प्रभारी ने बताया कि तीन तलाक से संबंधित कोई मामला थाना में आया ही नहीं. उन्होंने कहा कि 26 दिसंबर को कडरू का जो केस दर्ज हुआ है वह दो पुरुष के बीच मारपीट का मामला है.

इसे भी पढ़ेंः सरकार के तीन साल पूरा होने पर झारखंड की राजनीति उबाल पर, सत्ता और विपक्ष आमने-सामने

भाजपा के मुस्लिम नेताओं को ओछी राजनीति से बचना चाहिएः आमया

आमया के अध्यक्ष एस अली ने कहा कि भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के  सोना खानकाजिम कुरैशीऔर सोनी तबस्सुम एवं अन्य लोगों ने मुस्लिम महिलाओं को सिलाई मिशनराशन कार्डगैस सिलेंडर और पैसे का लालच देकर मुख्यमंत्री के पास ले गये थे. यह जानकारी खुद महिलाओं के पति ने हमें और अंजुमन इस्लामिया कडरू के सदर को दी है. उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने ऐसा कर महिलाओं को बदनाम करने की कोशिश की है. ऐसी ओछी राजनीति से भाजपा के मुस्लिम नेताओं को बचना चाहिये.

इसे भी पढ़ेंः दुर्भाग्य : स्वास्थ्य के क्षेत्र में सबसे पिछड़े 115 जिलों में झारखंड के 24 में से 19 जिले

झूठ बोल कर मुख्यमंत्री के पास ले जाया गया थाः मुस्लिम युवा मंच

झारखंड मुस्लिम युवा मंच के अध्यक्ष मो शाहिद ने कहा कि महिलाओं को सिलाई मशीन और नौकरी के बारे बोलकर मुख्यमंत्री के पास ले जाया गया था, जो कि झूठ निकला. उन्होंने कहा कि इस बारे में मेरे पास सबूत भी है, जिसे मैं जल्द ही मीडिया में दूंगा.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button