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राजधानी की सड़कों पर रोजाना 290 जवान लगाते हैं गश्त, बावजूद इसके लूट-छिनतई की घटनाओं में नहीं आ रही कमी

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Ranchi: राजधानी रांची की सड़कों पर 290 जवान हर दिन गश्त लगाते हैं. इसके बावजूद भी राजधानी में अपराधिक घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही है.

अपराधी एक के बाद एक घटना को अंजाम देकर खुलेआम पुलिस को चुनौती दे रहे हैं. राजधानी रांची में अपराधी बिना किसी डर के लूट, छिनतई, हत्या, दुष्कर्म और चोरी की घटनाओं को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जा रहे हैं. पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लग रही है.

झारखंड पुलिस के अगर आंकड़ों पर गौर करें तो, जनवरी से लेकर मार्च तक राजधानी रांची में हत्या 43, लूट 20, चोरी 665 और दुष्कर्म की 36 घटनाएं घटित हो चुकी है.

आपसी विवाद और अवैध संबंध में बढ़ी हत्या की घटनाएं

राजधानी में होने वाली हत्याओं में से आधे से अधिक हत्या तो जमीन विवाद को लेकर होती है.

लेकिन पिछले एक महीने के आंकड़ों पर गौर करें तो, राजधानी रांची में जमीन विवाद से ज्यादा हत्या आपसी विवाद और अवैध संबंध को लेकर हुई है.हाल के दिनों में अवैध संबंध और आपसी विवाद को लेकर एक के बाद एक हत्याएं राजधानी में हो रही है.

छिनतई से पूरा शहर परेशान

राजधानी रांची में बाइकर्स गैंग ताबड़-तोड़ छिनतई की घटनाओं का अंजाम दे रहा है. अमूमन हर दिन बाइकर्स गैंग लोगों को अपना निशाना बना रहा है.

छिनतई की घटनाओं में बढ़ोतरी से जहां शहर के लोग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं.वहीं पुलिस ऐसे अपराधियों पर नकेल कसने में कामयाब नहीं हो रही है.

ज्यादातर छिनतई के मामले में अपराधी नहीं पकड़े जा सके हैं. भुक्तभोगियों द्वारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पुलिस की तफ्तीश जांच से आगे नहीं बढ़ सकी है.

दुष्कर्मियों के निशाने पर नाबालिग लड़कियां

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राजधानी रांची में इन दिनों दुष्कर्मियों के निशाने पर ज्यादातर नाबालिग लड़कियां है. हाल के दिनों में देखे तो जितनी भी दुष्कर्म की घटनाएं हुई हैं, उसमें सबसे ज्यादा नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया है.

कहीं रास्ते चलते लड़की को अगवा करके, तो कहीं घर में घुसकर नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया जा रहा है.

अपराध रोकने में पुलिस नहीं हो पा रही सफल

राजधानी रांची में अपराध रोकने में पुलिस सफल नहीं हो रही है. बता दें एसएसपी के निर्देश पर 15 थाना क्षेत्रों में लूट और छिनतई और अपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए थे.

ऐसे जगहों पर अलग से पुलिस बल की तैनाती भी की गई है. और टाइगर मोबाइल को लगातार गश्त करने का निर्देश भी दिया गया है.

लेकिन इसके बावजूद भी अपराध रोकने में पुलिस सफल नहीं हो पा रही हैं. अपराधी कहीं भी किसी भी घटना को अंजाम देकर आसानी से फरार हो जा रहे हैं.

अपराधिक घटनाओं में युवाओं की संलिप्तता बढ़ी

राजधानी रांची में आपराधिक घटनाओं पर जो आकड़ें जारी हो रहे हैं, उनमें युवाओं की संलिप्तता में लगातार इजाफा हो रहा है. इन आकड़ों में हत्या, दुष्कर्म, लूट, छिनतई और चोरी की घटनाएं शामिल हैं. हाल के वर्षों में आपराधिक घटनाओं में काफी इजाफा हुआ है.

अधिकतर मामलों में युवा वर्ग ही इन घटनाओं में संलिप्त पाये गये हैं. युवाओं का एक वर्ग आपराधिक गतिविधियों में ज्यादा सक्रिय दिख रहा है.

इस लूटपाट के बाद उनसे पूछताछ में हमेशा एक ही बात सामने आयी है. आसानी से कम समय में ज्यादा पैसे कमाने का लालच उन्हें अपराध की तरफ धकेल रहा है.

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