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24 हजार से कम मिलता है वेतन? अब श्रम आयुक्त से करें शिकायत

अगर आपको अठारह हजार रुपये कम से कम वेतनमान दिया जाने लगे और इसे सख्ती से लागू किया जाए, तो कई आंखें खुशी से भींग जाएगी. पर अगर ये रकम भी 18 से बढ़ाकर 24 हजार कर दी जाए, तो लोगों की खुशी  का अंदाजा आप लगा सकते हैं. भारत सरकार के नये नियम के अनुसार अब न्यूनतम वेतनमान 24 हजार रुपये होगा. इस नियम के अनुसार अब किसी प्राईवेट, सरकारी, अर्धसरकारी कंपनी, संस्थान, होटल या किसी अन्य जगह काम करने वाले लागों का वेतन 24 हजार रुपये कम से कम होना चाहिए. अगर इससे कम वेतन मिला, तो जिले के उप श्रम आयुक्त या सहायक श्रम आयुक्त से शिकायत किया जा सकेगा.

Ranchi: अगर आपको अठारह हजार रुपये कम से कम वेतनमान दिया जाने लगे और इसे सख्ती से लागू किया जाए, तो कई आंखें खुशी से भींग जाएगी. पर अगर ये रकम भी 18 से बढ़ाकर 24 हजार कर दी जाए, तो लोगों की खुशी  का अंदाजा आप लगा सकते हैं. भारत सरकार के नये नियम के अनुसार अब न्यूनतम वेतनमान 24 हजार रुपये होगा. इस नियम के अनुसार अब किसी प्राईवेट, सरकारी, अर्धसरकारी कंपनी, संस्थान, होटल या किसी अन्य जगह काम करने वाले लागों का वेतन 24 हजार रुपये कम से कम होना चाहिए. अगर इससे कम वेतन मिला, तो जिले के उप श्रम आयुक्त या सहायक श्रम आयुक्त से शिकायत किया जा सकेगा.

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भारत के राजपत्र की प्रतिलिपि भेजकर किया मांग
एम के झाझारखंड राज्य कर्मचारी महासंघ सह मुख्य सलाहकार सह मुख्य सलाहकार झारखंड राज्य दैनिक एवं संविदा वेतन भोगी कर्मचारी संघ ने भारत सरकार के राजपत्र की प्रतिलिपि के साथ राज्य के मुख्य मंत्रीमंत्रीगणमुख्य सचिव सहित राज्य के सभी सचिवबोर्ड और निगम के निदेशक सहित सभी महत्वपूर्ण पदाधिकारियों को इस संबंध में अपनी मांगें भेजी है.

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हर पांच साल में न्यूनतम मजदूरी की समीक्षा

न्यूनतम मजदूरी की समीक्षा हर पांच साल में विभिन्न मानकों को ध्यान में रखकर की जानी थी. इनका निर्धारण एक पैनल करेगा. जिसमें नियोक्ता श्रमिकों के प्रतिनिधियों के अलावा स्वतंत्र लोग भी शामिल होंगे.

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समय पर देनी होगी पगार

दिहाड़ी श्रमिकों को शिफ्ट समाप्त होने पर, साप्ताहिक श्रमिकों को सप्ताह के आखिरी कार्य दिवस तथा पाक्षिक श्रमिकों को कार्यदिवस समाप्ति के बाद दूसरे दिन ही भुगतान करना था.

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