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21 वार्ड वाला होगा गोमिया नगर परिषद, जानिए कौन-कौन हैं अध्‍यक्ष पद की रेस में

पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म होने के बाद होगा अध्यक्ष और पार्षद का चुनाव !

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Ranchi : 30 अगस्त की कैबिनेट की बैठक में गोमिया के आठ पंचायतों को मिला कर नगर परिषद बनाने का फैसला कैबिनेट ने लिया था. नगर विकास विभाग अब इस फैसले को अमलीजामा पहनाने का काम कर रहा है. नगर विकास विभाग से यह तय कर लिया गया है कि गोमिया नगर परिषद में कितने वार्ड होंगे. इस संबंध में नगर विकास विभाग ने एक अधिसूचना जारी की है. अधिसूचना के जरिए विभाग ने लिखा है कि झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 की धारा 3 के मुताबिक बोकारो जिला के अंदर गोमिया प्रखंड के आठ राजस्व गांव जिसमें गोमिया, पलिहारी गुरुडीह, सस्बेड़ा, खम्हरा, स्वांग, पिपराडीह, हजारी और खुदगड्डा शामिल हैं, इन्हें मिला कर गोमिया नगर परिषद का गठन किया गया है.

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राज्य पार्षदों की संख्या पहले की गई जनगणना के आधार पर

झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 की धारा 15 के मुताबिक राज्य पार्षदों की संख्या का निर्धारण पहले की गई जनगणना के आधार पर होगा. बताते चलें कि इससे पहले जनगणना 2011 में हुआ था. 2011 की जनसंख्या के मुताबिक इन आठों राजस्व गांव की जनसंख्या 48,141 है. झारखंड नगरपालिका अधिनियम के मुताबिक 40,000 जनसंख्या वाले परिषद का विभाजन 20 वार्डों में किया जाएगा. जबकि गोमिया की जनसंख्या 40,000 से 8141 ज्यादा है. अधिनियम के मुताबिक जनसंख्या 40,000 से ज्यादा होने पर हर 6000 की आबादी पर एक वार्ड की संख्या बढ़ा दी जाएगी. गोमिया नगर परिषद की जनसंख्या 8141 ज्यादा है. इसलिए गोमिया का विभाजन 21 वार्डों में किया गया है.

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2020 के आखिरी में पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल होगा पूरा

निर्वाचन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गोमिया में नगर परिषद का चुनाव 2020 के आखिरी में संभव है. इससे पहले पंचायत का चुनाव बोकारो जिला में 2015 में हुआ था. पंचायत जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल पांच साल का होता है. ऐसे में 2020 के आखिरी में पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल पूरा होगा. इसी वजह से कहा जा रहा है कि गोमिया नगर परिषद का चुनाव 2020 के आखिरी में होगा. हालांकि सरकार अपने स्तर से किसी भी तरह का फैसला ले सकती है.

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अध्यक्ष पद के लिए हो रही है अभी से तैयारी

गोमिया में नगर परिषद अध्यक्ष बनने की रेस में काफी लोग लगे हुए हैं. आइएएल से लेकर हजारी बस्ती के दिग्गज ताल ठोंक रहे हैं. कुछ तो खुल कर सामने भी आ रहे हैं, तो कुछ ने अपने पत्तों को बचा कर रखा है. प्रबल दावेदारी अभी किसी की नहीं मानी जा रही है. आठों पंचायत के मुखिया में से कुछ मुखिया ने कैंपेनिंग शुरू भी कर दी है. सूत्रों की माने तो दावेदारों में जेएमएम से शालिनी भारती, बंटी उरांव, आजसू के राजेश विश्वकर्मा, आजसू के प्रदीप तिवारी, धनंजय सिंह, प्रदीप रवानी, पंकज पांडे, अजय रंजन, पूर्व मुखिया सत्येंद्र सिंह, कोपेश्वर यादव, सुरेंद्र राज, अरूण साहू आदि का नाम सबसे आगे चल रहा है. हालांकि इस फेहरिस्त में और नाम भी जुट सकते हैं.

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