न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

राहे प्रखंड की एक ही पंचायत में 21 लाख का मनरेगा घोटाला, 52 प्रतिशत हुई रिकवरी, अफसरों के छूट रहे पसीने

30,486

Pravin kumar

Ranchi:  केंद्र ने विभिन्न योजनाओं के संचालन के लिए मनरेगा कानून की शुरुआत की थी. इसका मुख्य उद्देश्य योजनाओं को धरातल पर उतारने के साथ-साथ ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना था. लेकिन आज, मनरेगा सरकारी राशि की लूट का केन्द्र बना हुआ है. मनरेगा की राशि का गबन का मामला पूरे झारखंड में है. लेकिन रांची जिले में मनरेगा में गबन, योजनाओं के प्रति सरकार का नजरिया बताता है. मनरेगा आयुक्त से लेकर ग्रामीण विकास विभाग के आला अधिकारी तक रांची में बैठते हैं. फिर भी, रांची जिले में ही, गबन का मामला और योजना राशि की बदंरबंट इस कानून की असल स्थिति को बताने के लिए काफी हैं. रांची जिले के राहे प्रखंड में बिना काम किय मनरेगा की 21 लाख से अधिक की राशि निकाल ली गयी. इसमें 11 लाख के करीब राशि की रिकवरी की गयी है. गबन में प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी शमिल हैं.

कौन लोग हैं गबन में शामिल 

लगभग तीन माह पहले, राहे प्रखंड की डोकद पंचायत में मनरेगा में किए गये कार्य में अनियमितता हुई थी.  तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कोनगाड़ी, तत्कालीन प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी बबीता गोस्वमी, कनीय अभियंता साकिब अहमद, मुखिया राजकिशोर मुंडा, पंचायत सचिव जगरनाथ मुंडा और ग्राम रोजगार सेवक लक्ष्मीकांत मुंडा का नाम आया है. राज्य स्तरीय सोशल ऑडिट के बाद उपरोक्त सभी लोगों पर आरोप का गठन हुआ. इसमें बिना काम किये सरकारी राशि की निकासी का मामला प्रमाणित हुआ. प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा प्रक्कलन के अनुरूप योजना का क्रियान्वयन करने के साथ ही बिना कार्य किये योजना राशि की निकासी कर ली गयी.

इस तरह किया गया गबन 

डोकद पंचायत, चैनपुर गांव में टॉड़घर टिकरा से बिन्देश्वर के घर तक 800 मीटर सड़क निर्माण किया जाना था. बिना काम किये 230850 रुपये की बदंरबट कर ली गयी. इसी पंचायत के बुढ़ाडीह में कमला देवी के  तालाब की स्वीकृति हुई थी. लेकिन 578454 रुपये का गबन बिना काम किये कर लिया गया. मंजू देवी के लिए दो योजना का चयन हुआ था. इसकी राशि भी बिना काम के गबन कर ली गयी. इसके तहत जमीन समतलीकरण के 74100 एवं मेढ़ निर्माण के 146280 रुपये का गबन कर लिया गया. चिष्टोला से धरना अुंगरी तक संडक निर्माण की राशि भी बिना काम किये निकाल ली गयी. यह राशि 402750 रुपये है. पंचायत में तालाब निर्माण के नाम पर 493300 रुपये बिना काम किये निकाल लिये गये. इसी तरह ही नाली निर्माण की राशि 188046 रुपये, भी बिना काम किये निकाल ली गयी.

विभाग कर चुका है कार्रवाई

गबन का मामला सामने आने के बाद तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी राहे, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी बबीता गोस्वामी, तत्कालीन ग्राम रोजगार सेवक लक्ष्मीकांत मुंडा, तत्कालीन पंचायत सेवक जगन्नाथ मुंडा, मुखिया राजकिशोर मुंडा से राशि की रिकवरी के साथ अर्थ दंड भी निर्धारित किये गये.

क्या कहते हैं मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी रितु राज

राहे प्रखंड की डोकद पंचायत में मनरेगा में हुए गबन के 21 लाख में से 11 लाख की रिकवरी हो चुकी है. शेष 10 लाख रुपया जो कि मुखिया, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक से करना था, ये नहीं हुआ है. प्रखंड विकास पदाधिकरी के द्वारा ऐसे सभी लोगो पर सर्टिफिकेट केस दर्ज करा दिया गया है. विभाग को इसकी जनकारी दे दी गयी है.

इसे भी पढ़ेंः चुटिया थाना के पास कार लगाने को लेकर विवाद, ट्रैफिक इंस्पेक्टर और वकील के बीच मारपीट, देखें वीडियो

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: