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‘शिवम’ की हत्या के 21 दिन बीते, नहीं हुआ उद्भेदन

झारखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी बेहद निराश

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Palamu : पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मझिगांवा निवासी अखिलेश राम के 16 वर्षीय पुत्र शिवम उर्फ छोटू की हत्या के 21 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस मामले का उद्भेदन नहीं कर पायी है. ऐसा नहीं है कि पुलिस को घटना में शामिल अपराधियों की जानकारी नहीं है, लेकिन किसी भारी दबाव में अब तक कार्रवाई नहीं कर पायी है. गौरतलब है कि गत 28 जनवरी को शिवम कुमार की लाश गांव के एक तालाब में मिली थी.

नामधारी ने एसपी को लिखा मार्मिक पत्र

उद्भेदन नहीं होने से झारखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी बेहद निराश हैं. इस सिलसिले में उन्होंने जिले के पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा को एक मार्मिक पत्र लिखा है. नामधारी ने अपने पत्र में लिखा है कि गांव में जाने के बाद यह स्वतः स्पष्ट हो जाता है कि शिवम की हत्या किन लोगों ने की है, लेकिन मन से कोई खुलकर बोलना नहीं चाहता.

छेड़खानी का विरोध करने पर मिली खौफनाक सजा

शिवम एक निरीह लड़का था और पड़ोसी काजल कुमारी नामक की एक लड़की से छेड़खानी करने वाले एक युवक अतुल चौरसिया उर्फ आशु चौरसिया से उसकी झड़प हो गयी थी. शिवम के मन में पड़ोसी लड़की काजल के लिए स्वजातीय होने के कारण कुछ सहानुभूति जरूर रही होगी, लेकिन इस मानवोचित काम को करने के लिए इस युवक को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी.

घटना से पहले आरोपियों ने मृतक के बड़े भाई को धमकी दी थी 

नामधारी ने लिखा है कि इस घटना के कुछ दिन पहले आरोपियों ने शिवम के बड़े भाई दीपू कुमार को भी धमकाया था कि वह अपने छोटे भाई को समझा दे कि वह हमारे रास्ते में रोड़ा ना बने, नहीं तो इसका अंजाम बहुत बुरा होगा. सुनने में आया है कि काजल कुमारी ने अपने बयान में शिवम को मारने वालों के नाम बता दिया है.

पूछताछ के बाद आरोपियों को थाना से छोड़ दिया गया

नामधारी ने यह भी लिखा है ‘मेरी सूचना के अनुसार उपरोक्त सभी अभियुक्तों को पूछताछ के लिए थाने में लाया तो गया था, लेकिन पुनः छोड़ दिया गया.’ उन्होंने आगे लिखा है कि दलित वर्ग के गरीब बेटे की हत्या यदि बिना उद्भेदन के रह जाती है तो यह हम सब के लिए बड़े शर्म की बात होगी.

कानून में विश्वास रखने के लिए किया जाये उद्भेदन

उन्होंने पुलिस अधीक्षक से आग्रह किया है कि इस मामले में व्यक्गित रूचि लेते हुए इसका अविलंब उद्भेदन करें, ताकि दलित वर्ग के लोग कानून में अपना विश्वास कायम रख सकें. उन्होंने यह भी लिखा है कि लंब समय तक डालटनगंज विधानसभा क्षेत्र के प्रतिनिधि रहने के कारण उनके पास अक्सर लोग अपनी गंभीर समस्याएं लेकर आते हैं, जिनका निवारण करना वे अपने नैतिक कर्तव्य समझते हैं. नामधारी ने पुलिस अधीक्षक की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा है कि उन्होंने जनता का विश्वास जीता है और कई उलझनों भरी समस्याओं का समाधान भी किया है. ऐसे में इस कांड का उद्भेदन की अपेक्षा भी पुलिस अधीक्षक से रखते हैं.

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