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2019 लोकसभा चुनाव :  यशवंत सिन्हा ने कहा, यूपी में मोदी की भाजपा हारी, तो पूरे देश में हारेगी

पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद से विपक्ष खासकर कांग्रेस का मनोबल काफी बढ़ा है. भाजपा और उसके नेताओं ने हार का मुंह देखा है.

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Lucknow : यदि 2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी में भाजपा को यदि हार मिलती है तो वह पूरे देश में हार सकती है. पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद से विपक्ष खासकर कांग्रेस का मनोबल काफी बढ़ा है. भाजपा और उसके नेताओं ने हार का मुंह देखा है. वे समझते थे कि उन्हें कोई हरा नहीं सकता. इन चुनावों के बाद वातावरण में परिवर्तन हुआ है. अब विपक्षी दलों पर निर्भर करता है कि वह उसे आगे कैसे ले जायेंगे. यह बात अटल सरकार में वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा ने कही. बता दें कि सिन्हा ने नवभारत टाइम्स से खास बातचीत में यह बात कही. राफेल डील हो या फिर भाजपा के खिलाफ तैयार हो रही गठबंधन की राजनीति, सिन्हा ने सभी मुद्दों पर उन्होंने अपनी बात रखी. इस क्रम में मोदी सरकार को आंकड़े बाजी में माहिर बताते हुए कहा,  मैं विश्वास के साथ कहता हूं कि केंद्र सरकार की ओर से जो आंकड़े दिये जा रहे हैं, उन पर विश्वास नहीं किया जा सकता. कहा कि राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर मैं जनवरी के पहले हफ्ते में रिव्यू पीटिशन दाखिल करूंगा. सिन्हा ने विपक्षी दलों के गठबंधन पर कहा कि सबसे महत्वपूर्ण यूपी के विपक्षी दलों की एकजुटता है. कारण, अगर भाजपा यूपी में हारती है, तो पूरे देश में हारेगी.

उन्होंने कहा, भाजपा की हार का प्रमुख कारण किसानों की अनदेखी थी. किसानों की हालत पिछले पांच साल से बहुत खराब थी. चार साल तक केंद्र सरकार ने उन पर ध्यान ही नहीं दिया, जिससे उनकी स्थिति बद्तर होती चली गयी. सरकार ने एमएसपी तो बढ़ाई, लेकिन किसानों की उपज की पूरी खरीद नहीं की. सरकार की अनदेखी ने किसानों को भाजपा के खिलाफ कर दिया.

नोटबंदी से किसानों का बड़ा नुकसान हुआ

उन्होंने कहा, नोटबंदी से किसानों का बड़ा नुकसान हुआ. हाल में लोकसभा की असाइनिंग कमिटी ऑफ फाइनैंस ने कृषि मंत्रालय से रिपोर्ट मांगी थी. रिपोर्ट में कहा गया कि नोटबंदी से किसानों और खेती पर बहुत बुरा असर पड़ा लेकिन इस रिपोर्ट को तत्काल वापस ले लिया गया. पिछले चार साल में केंद्र की ओर से रोजगार के अवसर सृजित नहीं हुए. सिर्फ आंकड़ेबाजी की जाती रही. प्रदेश के औद्योगिक शहरों से काम न होने के कारण लोग अपने गांवों में लौटने लगे. यूपीए सरकार में मनरेगा का बजट 40 से 42 हजार करोड़ रुपये था, जिसे विरोध के बाद मोदी सरकार में बढ़ाकर 55 हजार करोड़ किया गया. पूर्व वित्त मंत्री के अनुसार जिस समय देश में बोफोर्स का मामला उठा, देश में सिर्फ एक लाइन का संदेश गया कि सेना के तोपखाने का पैसा खाया गया.

अगर जनता के बीच यह संदेश जाता है कि राफेल लड़ाकू विमान में पैसा खाया गया, तो भाजपा  को बड़ी परेशानी होगी.  कहा कि  पहले अयोध्या, फिर गाय, फिर अर्द्ध कुंभ को कुंभ. हर मुद्दे को किसी न किसी तरह धर्म से जोड़ कर हिंदुस्तान के लिए खतरा खड़ा करने की कोशिश की जा रही है.

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