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2018: क्राइम के मामले में राज्‍यभर में टॉप पर रही राजधानी रांची

जनवरी से नवंबर महीने तक 7197 मामले दर्ज हुए

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Ranchi:  साल 2018 में राजधानी रांची में पूरे राज्‍य में सबसे ज्‍यादा अपराध हुए. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार जनवरी 2018 से नवंबर 2018 तक रांची जिले में सबसे अधिक अपराधिक मामले दर्ज किये गये. 11 महीनों में पूरे राज्‍य में 53 हजार 119 अपराधिक घटनाएं हुईं. इसमें राजधानी रांची में जनवरी से नवंबर महीने तक 7197 मामले दर्ज हुए. रांची में हर महीने औसतन 654 मामले दर्ज हुए. रांची के ये मामले पूरे राज्‍य में सबसे अधिक है.

राजधानी रांची में जमीन विवाद में हत्या की घटना में बढ़ोतरी हुई है. साथ ही साथ चोरी, लूट, बैंक डकैती, सड़क हादसे, छिनतई, घरलू हिंसा, दहेज हत्‍या, नक्‍सल हत्‍या, किडनैपिंग, दुष्‍कर्म, नक्‍सल वारदात और अन्‍य तरह के कई अपराध शामिल हैं.

MonthJharkhandRanchi
January4552648
February4343629
March4820590
April5099678
May5354688
June5120650
July4994691
August4658686
September4843720
October4802669
November4534548

हालांकि झारखंड बनने के बाद राजधानी रांची सहित कई बड़े शहरों में जमीन की कीमत काफी बढ़ी है. जैसे-जैसे जमीन की कीमत आसमान छूने लगी, वैसे-वैसे ही इस धंधे में अपराधियों ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया. सफेदपोश जमीन माफियाओं ने इस धंधे में सीधे न उतरकर अपने-अपने इलाके के कुख्यात अपराधियों को मोटी रकम देकर सपोर्ट लेना शुरू कर दिया. संपत्ति विवाद में होनेवाली कुल हत्याओं में आधे से अधिक जमीन विवाद के कारण होती हैं. इनमें जमीन कारोबारी, जमीन की दलाली करनेवाले, खरीददार और बिक्री करनेवालों के अलावा परिवार के सदस्यों द्वारा की गयी हत्याएं भी शामिल हैं. हालांकि पुलिस के अनुसार झारखंड में अधिकांश हत्याएं छोटे-छोटे विवादों की वजह से भी होती हैं.

2018 में जमीन विवाद को लेकर हुई हत्या और फायरिंग की घटना

01 मार्च 2018: नामकुम थाना क्षेत्र के लोवाडीह निवासी जमीन कारोबारी अंकुश कुमार उर्फ आशीष बड़ाइक पर दुर्गा सोरेन चौक के पास फायरिंग.

15 मार्च 2018: चुटिया थाना क्षेत्र के पावर हाउस चौक निवासी अरुण नाग की जमीन विवाद में गोली मारकर हत्या.

06 मार्च 2018: लोअर बाजार थाना क्षेत्र के कुरैशी मुहल्ला में गढ़ा टोली की जमीन विवाद में कुरैशी मोहल्ला निवासी सलाम खान की गोली मार कर हत्या.

03 अप्रैल 2018: कांके थाना के बुकरू में जमीन पर बाउंड्री कराने के एवज में रंगदारी नहीं देने पर व्यवसायी मनोज कुमार की पत्थर से कूच कर हत्या.

01 फरवरी 2018: पुंदाग ओपी क्षेत्र के साहू चौक निवासी जमीन कारोबारी काशीनाथ महतो पर जमीन कारोबार के रुपये के विवाद में अशोक नगर गेट नंबर चार के पास फायरिंग.

21 जनवरी 2018: नगड़ी थाना क्षेत्र के गुटुवा बस्ती में जमीन कारोबारी उमेश गंझू और शमशाद की गोली मार कर हत्या.

22 जनवरी 2018: रातू थाना क्षेत्र के जमीन कारोबारी सुंडील निवासी शंकर काशी की अपराधियों ने चटकपुर में गोली मार कर हत्या कर दी.

16 सितंबर 2018: रात के समय बीजेपी रातू मंडल के महामंत्री देवेंद्र सिंह पर भी अज्ञात अपराधियों ने गोली चलाई थी, लेकिन वह इस घटना में बाल-बाल बच गए. इस घटना के पीछे भी जमीन विवाद का मामला सामने आ रहा था.

17 सितंबर 2018: मोहम्मद तबरेज उर्फ राजा की गोली मारकर हत्या कर दी गयी. हत्या के पीछे जमीन विवाद का मामला सामने आ रहा है.

04 नवंबर 2018: कुख्यात अपराधी सोनू इमरोज की दिनदहाड़े मेन रोज रांची में जमीन विवाद को लेकर हत्या हुई.

03 दिसंबर 2018: धुर्वा डैम साइड सिंचाई कॉलोनी निवासी जमीन कारोबारी दिलीप पोद्दार को अपराधियों ने गोली मार दी. जिसके बाद चार दिनों के बाद दिलीप पोद्दार की मौत हो गयी.

24 दिसंबर: तुपुदाना ओपी क्षेत्र के सिठियो रिंग रोड के पास रेलवे ओवर ब्रिज पर अज्ञात अपराधियों ने जमीन कारोबारी योगेंद्र महतो की गोली मारकर हत्या कर दी.

28 दिसंबर: डोरंडा थाना क्षेत्र के बड़ा घाघरा में अपराधियों ने जमीन कारोबारी अरुण किस्पोट्टा की गोली मार कर हत्या की.

लेवी के लिए नक्सली संगठन दे रहे हैं घटना को अंजाम

लेवी वसूलने के लिए नक्सली संगठनों के द्वारा लगातार एक के बाद एक घटनाओं का अंजाम दिया जा रहा है. एक महीने में ही जहां उग्रवादी संगठनों के द्वारा लेवी के लिए वाहनों में आग लगाई गई, वहीं दूसरी तरफ़ शहरी इलाकों में नक्सलियों ने दीवार पर पुलिस विरोधी नारा लिख कर दहशत फैलाने की कोशिश की. वे लगातार पुलिस को अपनी उपस्थिति का एहसास करा रहे हैं.

4 अक्टूबर 2018: कांके के मनातू में कंस्ट्रक्शन कंपनी हिंदकुश से लेवी वसूलने आये 9 पीएलएफआई उग्रवादियों ने देर रात 12 राउंड फायरिंग की. 40 मिनट तक खूब उत्पात मचाया. कंपनी के क्रशर कर्मचारियों की पिटाई की और वहां खड़ी बाइक और जेसीबी फूंक डाली.

8 नवंबर 2018: तमाड़ थाना क्षेत्र के उलीडीह में पीएलएफआई के उग्रवादियों ने जमकर उत्पात मचाया. यहां सड़क निर्माण में लगी तीन गाड़ियों को आग के हवाले कर उग्रवादी भाग निकले.

16 नवंबर 2018: राजधानी रांची के लापुंग थाना क्षेत्र स्थित चम्पाडीह काकरिया में पीएलएफआई के नक्सलियों ने जिओ कंपनी के लिए केबलिंग का काम कर रही कंपनी के साइट पर हमला कर दो जेसीबी वाहनों को आग के हवाले कर दिया.

19 नवंबर 2018: खलारी में माओवादियों ने खलारी के शहरी इलाकों में नक्सलियों ने दीवार लेखन कर सनसनी फैला दी है.

बढ़ी दुष्‍कर्म की घटनाएं, रिश्‍ते हुए शर्मसार

राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, दुष्कर्म के 95 फीसदी मामलों में आरोपी पीड़िता का परिचित होता है. आंकड़े बताते हैं कि इन परिचितों में 27 प्रतिशत पड़ोसी भी शामिल थे, जबकि 22 प्रतिशत मामलों में शादी का वादा करने के बाद आरोपी ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. वहीं नौ प्रतिशत दुष्कर्म के मामलों में परिवार के सदस्य और रिश्तेदार शामिल थे. दुष्कर्म की कुल घटनाओं में दो प्रतिशत लिव इन पार्टनर या पूर्व पति होते हैं, जबकि 1.6 प्रतिशत घटनाओं में नियोक्ता या सहकर्मी एवं 33 प्रतिशत अन्य परिचित या सहयोगियों द्वारा दुष्‍कर्म की घटना को अंजाम दिये गये.

2018 रांची में दुष्‍कर्म की प्रमुख घटनाएं

08 अप्रैलः रांची के रातू में छात्रा की रेप के बाद हत्या

04 मार्चः रांची के जगन्नाथपुर में युवती के साथ गैंगरेप, सात गिरफ्तार

03 मार्चः रांची के तुपुदाना में नशीला पदार्थ खिलाकर नाबालिग से गैंगरेप

5 सितंबर: बरियातू के बड़गाई में 6 वर्षीय बच्ची के साथ एक युवक ने दुष्कर्म किया

25 सितंबर: रांची से एक युवती का अपहरण करके धनबाद में उसके साथ दुष्कर्म किया गया

26 सितंबर: सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के मधुकम में एक नाबालिग लड़की को एक कमरे में बंद करके उसके साथ लगातार तीन दिनों तक सात युवकों ने दुष्कर्म किया.

16 दिसंबर: नामकुम थाना क्षेत्र में रविवार की शाम रेमता डेम से पिकनिक मनाकर लौट रही दो नाबालिग छात्राओं व उनके अन्य दोस्तों को जराटोली मोड़ खरसीदाग के पास कुछ लड़की मे रोक लिया. जिसके बाद एक नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म किया.

पैसे के लिए अपराध कर रहे हैं नाबालिग

राजधानी रांची सहित उसके आसपास के इलाके में हाल के दिनों में फिरौती के लिए अपहरण, सुपारी लेकर हत्या सहित कई ऐसी वारदात हुई, जिसमें पुलिस ने नाबालिगों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में यह बात सामने आयी है कि रुपये कमाने के चक्कर में नाबालिग अपराध की ओर बढ़ रहे हैं. नाबालिग अपने परिजनों को गुमराह कर दोस्त से मिलने और पढ़ने के नाम पर घर से बाहर निकलते हैं. उसके बाद आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. हाल के दिनों में दुष्कर्म, चोरी और दूसरी आपराधिक घटनाओं में भी पुलिस ने नाबालिगों को गिरफ्तार किया.

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