न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

सेना के अफसरों के बाद अब 200 वैज्ञानिकों ने की अपील, विरोधियों को देशद्रोही बताने वाली ताकतों को न करें वोट

वैज्ञानिकों का कहना है कि विरोधियों को देशद्रोही बताने का चलन चल पड़ा है.

926

New Delhi: विरोधियों को देशद्रोही बताने और देश को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ देश के वैज्ञानिकों ने अपील की है. करीब 200 वैज्ञानिकों ने मतदाताओं से अपील की है कि विरोधियों को देशद्रोही बताकर देश को बांटने वाली ताकतों के पक्ष में वोट ना करें.

वैज्ञानिकों का कहना है कि विरोधियों को देशद्रोही बताने का चलन चल पड़ा है. इससे लोकतंत्र को नुकसान हो रहा है. इससे पहले सेना के रिटायर अफसरों और अन्य रिटायर अधिकारियों ने राष्ट्रपति को पत्र लिख कर चुनाव में सेना के नाम का इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगायी थी.

इसे भी पढ़ें – पिछली बार नरेंद्र मोदी के खिलाफ लड़ा था चुनाव, इस बार रांची लोकसभा से चुनावी मैदान में

hosp3

वैज्ञानिकों का कहना है कि विरोधियों को देशद्रोही बताने का चलन न सिर्फ वैज्ञानिकों के लिये, लोकतंत्र के लिये भी बड़ा खतरा है. तीन अप्रैल को जारी बयान में वैज्ञानिकों ने कहा है कि चुने गये नेताओं ने पिछले पांच सालों में जो कदम उठाये हैं, उससे देश के वैज्ञानिक विचारों पर हमला हुआ है.

जनसत्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, इंस्टीच्यूट आफ मैथमेटिकल साइंसेंज, चेन्नई के वरिष्ठ भौतिक विज्ञानी सिताभ्रा सिन्हा ने वर्ष 1799 मैं स्पैनिश कलाकार फ्रांसिस्को गोया की एक तस्वीर का हवाला देते हुए है कि कि जब चर्चा शब्दों में बंद हो जाती है और तर्क सो जाते हैं, तब दैत्य का जन्म होता है.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले पूर्व सैन्य प्रमुखों ने राष्ट्रपति को एक पत्र लिखकर कहा था कि सेना के राजनीतिक इस्तेमाल पर रोक लगायी जाये. इससे पहले ही हम बिल्कुल किनारे पर पहुंच जायें, हमें स्थिति को बदलनी चाहिए.

इसे भी पढ़ें – डेड बोरिंग को रेन वाटर हार्वेस्टिंग में बदलने की निगम की योजना अधर में

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

You might also like
%d bloggers like this: