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200 आंगनबाड़ी सेविकाएं घर-घर जाकर करेंगी कार्डधारियों का सत्यापन

प्रथम चरण में नगर निगम क्षेत्र के 638 डीलरों के कार्डधारियों की होगी जांच

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Ranchi : अंत्‍योदय कार्डधारियों के घर-घर जाकर आगंनबाड़ी सेविकाएं कार्डधारियों के अर्हता की जांच करेंगी. प्रथम चरण में रांची नगर निगम के अतंर्गत 638 डीलरों के कार्डधारियों के अर्हताओं की जांच की जायेगी. इस कार्य के लिए लगभग 200 सेविकाओं को जिम्मेवारी सौंपी गई है. वार्ड पार्षद के सहयोग से ही सेविकाएं इस काम को पूरा करेंगी. सेविकाएं सीडीपीओ सदर को रिपोर्ट करेंगी. यह जानकारी उपायुक्त राय महिमापत रे ने दी. उन्होंने बताया कि इस कार्य को करने के लिए हर प्रखंड के बीडीओ व शहर में अंचल पदाधिकारी को नोडल ऑफिसर बनाया गया है. जांच के लिए पंचायत सेवक, जनसेवक-सेविका को लगाया जाएगा, जो पंचायत के जनप्रतिनिधि मुखिया, पंचायत समिति, वार्ड परिषद के साथ मिलकर पारदर्शी तरीके से घर घर जा कर वीडियो रिकॉडिंग के साथ जांच करेगें. वहीं अयोग्य कार्डधारियों पर ऑनस्पॉट कार्रवाई भी करेंगे.

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डीलरों की होगी अहम भूमिका

जांच में राशन डीलरों की भूमिका अहम रहेगी. कौन से कार्डधारी का घर कहां है, उनके परिवार में कितने लोग हैं. यह जानकारी एक स्थानीय पार्षद को होता है. इससे सेविकाओं मदद मिल जायेगी. डीसी ने बताया कि शहर में करीब 15 हजार लाभुक हर माह अनाज का उठाव नहीं करते है. वहीं दूसरी ओर 25 हजार से भी अधिक लोगों ने कार्ड बनाने के लिए आवेदन दे रखा है.

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होगी वीडियो रिकार्डिंग

सेविकाओं द्वारा किए जाने वाले जांच कार्य का वीडियो रिकार्डिंग की जायेगी. जिससे संपन्न परिवार की पूष्टि हो सके. इस वीडियो रिकार्डिंग द्वारा घर, वाहन आदि के साक्ष्य एकत्र किये जायेंगे. इस साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जायेगी. डीसी ने बताया कि रांची जिला में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लक्ष्य के अनुरूप 4 लाख 56 हजार कार्ड बना दिये गए लेकिन अभी भी कई गरीब, असहाय, दिव्यांग, विधवा, वृद्ध कमजोर वर्ग के लोग इससे वंचित है. अत: ऐसे लोग जो सुखी संपन्न हैं उनसे कार्ड सरेंडर कराकर जरुरत मंदों को दिया जाना है. इसके लिए प्रेस नोट, प्रचार-प्रसार एवं विज्ञापन जारी कर संपन्न लोगों से कांड सरेंडर करने के लिए अपील किया गया था. लेकिन लोगों नें अपने कार्ड को सरेंडर नहीं किया. उन्होंने बताया कि अब तक 26 हजार सदस्यों का सरेंडर व विलोपन किया जा चुका है.

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आहर्ता रखने वाले परिवार

दिव्यांग, कुष्ट, कैंसर, एड्स रोगी, भिखारी, कचरा चुनने वाले, मेहतर, डोम, वाल्मीकि, बेदिया,मछुआ,घासी,नायक,मिर्धा, गरीब एसटी,एससी परिवार, भूख से पीड़ित परिवार,गरीब विधवा, कुली,मोटिया, ठेला वाला,रिक्शा वाला, फेरीवाला, खोमचा वाला, निजी गार्ड, प्लंबर, बढ़ई, बिजली मिस्त्री, राजमिस्त्री, नाई.

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अयोग्य परिवार

सरकारी नौकरी, सेवानिवृत, आयकर, कर देने वाले, पक्का मकान तीन कमरा, एसी,फ्रीज,वाशिंग मशीन, चार पहिया वाहन, पांच एकड़ से अधिक भूमि.

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