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बदला लेने की नीयत से नाबालिग से रेप के दोषी को 20 साल की सजा

दोषी के  ससुर व पत्नी को 10-10 वर्ष की सजा, तीनों को दस-दस हजार का जुर्माना

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Bokaro: जिले के गोमिया थाना क्षेत्र के स्वांग गुलगुलिया टोला में गुलगुलिया समाज के तथाकथित मुखिया के तुगलगी फरमान पर 14 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने सजा का एलान किया है. स्थानीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम रंजीत कुमार की अदालत (पोक्सो स्पेशल) ने बुधवार को रेप के दोषी सहित तीन लोगों को सजा सुनाई है.

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इसमें रेप के दोषी नाकाबंदी पासी को 20 वर्ष कठोर कारावास, उसके ससुर और स्वंयभू मुखिया घोषल पासी और उसकी बेटी सुगंता उर्फ गुड़िया देवी को दस-दस साल की सजा सुनाई हैं. साथ ही तीनों आरोपी को दस-दस हजार रूपये का जुर्माना भी किया गया है. सरकार की तरफ से इस मामले में विशेष लोक अभियोजक संजय कुमार झा ने सजा की बिंदूओं पर बहस की.

छेड़खानी का बदला मासूम से रेप

पूरा मामला सात जुलाई 2014 को है. नाबालिग के भाई ने गुलगुलिया समाज के नाकाबंदी पासी की पत्नी से छेड़खानी की थी. इसकी जानकारी गुलगुलिया समाज के तथाकथित मुखिया को मिली, तो उसने गांव में खुलेआम पंचायती लगा कर अपने दामाद नाकाबंदी पासी को छेड़खानी करने वाले युवक की नाबालिग बहन के साथ दुष्कर्म करने का आदेश दिया था. इसके बाद नाकाबंदी पासी ने नाबालिग को सबके सामने पकड़ कर घर से कुछ दूर झाड़ियों में ले गया और दुष्कर्म किया था. तथाकथित मुखिया के आदेश के कारण कोई भी उसे बचाने नहीं आया.

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यूनिसेफ तक पहुंचा था मामला 

छेड़खानी का बदला लेने के लिए रेप के तुगलकी फरमान वाले इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था. आग की तरह ये खबर हर तरफ फैली थी. और घटना की पुरजोर निंदा हुई थी. तत्कालीन मुख्यमंत्री, डीजीपी व कई आला अधिकारी भी स्वांग पहुंचे थे. जिसके बाद मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गयी थी.  विधानसभा, संसद और यूनिसेफ में भी इस मामले की चर्चा हुई. महीनों तक यूनिसेफ और संसदीय प्रतिनिधि मंडल गोमिया के स्वांग में कैंप करता रहा था.

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