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हड़ताल के 56 दिनों में 20 पारा शिक्षकों की मौत, एक लापता

स्कूलों में पठन-पाठन ठप, उग्र आंदोलन के लिए अग्रसर पारा शिक्षक

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Satya Prakash Prasad

Ranchi: राज्य के 67000 पारा शिक्षक हड़ताल पर हैं. इस दौरान 20 पारा शिक्षकों की मौत हो चुकी है, वहीं एक पारा शिक्षक लापता है. पारा शिक्षकों के आंदोलन को देखते हुए सरकार की फजीहत भी हो रही है. इस कारण मुख्यमंत्री की पहल पर दो बार पारा शिक्षकों की वार्ता शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में हो चुकी है. लेकिन, वार्ता पूरी तरह से विफल रही है. पारा शिक्षक स्थायी नौकरी और वेतमान की मांग से पीछे हटने के मूड में नहीं दिख रहे हैं. अब अपनी मांगों को लेकर वे चरणबंद्ध तरीके से सरकार का विरोध उग्र आंदोलन करने की रणनीति बना रहे हैं. आंदोलन को स्वरूप देने के उदेश्य से पारा शिक्षकों की प्रमंडलीय स्तर की बैठक गुरुवार को पांचों प्रमंडल में बुलाई गयी थी. आगे की आंदोलन की रणनीति तय कर ली गयी है. पारा शिक्षाकों के आंदोलन के कारण राज्य के 45  हजार स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ गयी है.

20 पारा शिक्षकों की मौत, एक लापता

पारा शिक्षकों का आंदोलन पिछले 25 नवबंर 2018 से आंरभ है. आंदोलन को 56 दिन बीत चुके हैं. आंदोलन के दौरान अबतक 20 पारा शिक्षकों की मौत हो चुकी है. साथ ही एक पारा शिक्षक लपता हैं, जो आंदोलन के बाद से वापस घर नहीं लौटा.

(1)जीनत खातुन, रामगढ़

(2)राजकुमार पासवान, चतरा

(3)सूयॅदेव ठाकुर, चकुलिया हजारीबाग

(4)कंचन कुमार दास, रामगड़ दुमका

(5)प्रियंका कुमारी, चतरा

(6)उज्जवल कुमार राय, सारठ देवघर

(7)उदय शंकर पान्डेय, गढ़वा

(8)जगदेव यादव, चतरा

(9)रघूनाथ हेम्ब्रम, चास बोकारो

(10)जगनारायण राम, भवनाथपुर गढ़वा

(11)साधन गौराई, रानेश्वर दुमका

(12)एजाजूल हक, गिरीडीह

(13)मनोज कुमार रजक, डंडई गढ़वा

(14)राधानाथ मांझी, चाणिडल सरायकेला

(15)सुभाषचन्द्र मंडल, साहेबगंज

(16)दिनेश पंडित, गोड्डा

(17)बिरेश कच्छप, भंडारिया गढ़वा

(18)कनॅल टुडू महेशपुर, पाकुड़

(19)बासुदेव यादव, पोड़ैयाहाट गोड्डा

(20)दिनेश कुमार सिंह, बेंगाबाद गिरीडीह

(21)शिबलाल सोरेन, जरमुन्डी दुमका (लापता)

आंदोलन के लिए पारा शिक्षकों ने बनायी रणनीति

झारखंड सरकार के साथ दो बार वार्ता विफल होने के बाद पारा शिक्षकों ने आंदोलन की नयी रणनीति तैयार की है. अब वो आंदोलन के उग्र रूप देगें. ताकि, सरकार उनकी मांगों को गंभीरतापूर्वक ले सके. पारा शिक्षक संघ के प्रदेश कमिटी सदस्य संजय दुबे का कहना है सरकार हर बार वार्ता के लिए पारा शिक्षकों को बुलाकर गोल-गोल घुमाने का कार्य करती है.

पारा शिक्षकों के आंदोलन की नयी रणनीति और घोषित तिथि इस प्रकार है:

  1. 10 जनवरी 2019 को राज्य के सभी 5 प्रमंडल मुख्यालय में जिला इकाई की बैठक और आंदोलन की समीक्षा
  2. 12 जनवरी को सभी जिला भाजपा कार्यालय पर प्रदर्शन
  3. 13 जनवरी से 15 जनवरी तक पंचायत/संकुल स्तर पर चौपाल लगाकर भाजपा की नीति से आम जनता को अवगत कराना, पर्चा वितरण करना
  4. 17 जनवरी से 8 फरवरी तक विधानसभा सत्र के दौरान प्रदर्शन पूरे प्रदेश के पारा शिक्षकों का विधानसभा के समक्ष प्रदर्शन.

45 हजार स्कूलों को चला रहे हैं 35 हजार शिक्षक

पूरे प्रदेश में प्राइमरी एवं मिडिल स्कूलों की संख्या 45 हजार है. इन स्कूलों को सही रूप से संचालन करने के उदेश्य से 2003 में पारा शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया राज्य में शुरु की गयी है. जिनकी संख्या वर्तमान में 67 हजार है. पारा शिक्षकों के आंदोलन के करण दो महीनों से स्कूलों में बच्चों की पढ़ई पूरी तरह से ठप हो गयी है. स्कूलों में शिक्षा का जिम्मा अब पूरी तरह से सरकारी शिक्षकों पर निर्भर हैं. लेकिन, संख्या बल कम होने के कारण राज्य के ज्यातर स्कूलों में शिक्षक न के बराबर हैं. 35 हजार सरकारी शिक्षक पूरी तरह से स्कूली शिक्षा व्यवस्था कायम करने में असफल हो गये हैं. आलम यह है कि कई स्कूलों में बच्चे आ रहे हैं, पर उन स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं.

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