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मजदूर नेता पर CCA के खिलाफ पत्नी 48 घंटे के अनशन पर बैठी, कहा- पति की हत्या करा सकते हैं पूंजीपति

जॉन मिरन मुंडा पर सीसीए लगाने और झींकपानी व टोंटो थाना में दर्ज मामलों की CBI जांच की मांग उठायी

Chaibasa : अखिल भारतीय क्रांतिकारी आदिवासी महासभा के अध्यक्ष और मजदूर नेता जॉन मिरन मुंडा की पत्नी पुष्पा मुंडा ने आशंका जतायी है कि एसीसी, शाह ब्रदर्स और रूंगटा जैसे बड़े पूंजीपतियों के इशारे पर उसके पति की हत्या की जा सकती है. पुष्पा मुंडा ने सपरिवार मंगलवार से चाईबासा एसडीओ दफ्तर के सामने 48 घंटे का अनशन शुरू किया. पुष्पा जॉन मीरन मुंडा पर लगे सीसीए तथा उसके खिलाफ झींकपानी और टोंटो थाना में दर्ज मामलों की सीबीआइ से जांच कराने की मांग कर रही हैं.

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पुष्पा ने कहा कि जिला प्रशासन ने मेरे पति जॉन मिरन मुंडा पर तीसरी बार CCA लगा कर चाईबासा से 102 किलोमीटर दूर जराईकेला थाना में रोज हाजिरी लगाने का आदेश जारी किया है. हमारा घर जिला के झींकपानी थाना क्षेत्र अंतर्गत जोड़ापोखर हाई स्कूल कॉलोनी में है. झींकपानी में 1946 में ACC कंपनी स्थापित हुई,कंपनी के स्थापित होने से हमारे पति के  परिवार की कई एकड़ जमीन चली गई. मेरे ससुर प्रदान मुंडा को भी एसीसी कंपनी द्वारा वर्ष 2000 में जबरन वीआरएस दिलवाकर काम से बैठा दिया गया, जिससे घर की आर्थिक स्तिथि दयनीय हो गई. 9 भाई-बहनों में मेरे पति सबसे बड़े हैं और परिवार की जिम्मेदारी भी उन्हीं  के कंधों पर है. एसीसी कंपनी द्वारा मजदूर और रैयतों के साथ किये जा रहे शोषण के खिलाफ मेरे पति ने कम उम्र से ही वर्ष 2003 से रैयतों और मजदूरों के हित में संघर्ष शुरू किया. इसके परिणामस्वरूप एसीसी प्रबंधन ने झींकपानी और टोंटो थाना क्षेत्र में झूठा केस दर्ज करा दिया. पुष्पा ने कहा है कि उसके पति के ऊपर झींकपानी और टोंटो थाना में कुल 29 मामले दर्ज किये गये हैं. इनमें 19 तो सिर्फ झींकपानी थाना में ही दर्ज है. उसने कहा कि सभी सनहा की जांच किये जाने की जरूरत है.

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पुष्प का सवाल है कि भारत में हर नागरिक को शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने का अधिकार है, फिर शोषण के खिलाफ बोलने वाले जॉन मीरन मुंडा के साथ जिला प्रशासन कुख्यात अपराधी की तरह क्यों र्बताव कर रहा है. अगर मेरे पति अपराधी होते, तो जिला के अन्य थानों में भी उनके खिलाफ़ आपराधिक मामला दर्ज होता,  मगर झींकपानी और टोंटो थाना में ही मामला दर्ज कराने के पीछे एसीसी प्रबंधन का हाथ है. एसीसी कंपनी झींकपानी थाना क्षेत्र में स्थित है और कंपनी का चूना पत्थर टोंटो थाना क्षेत्र के रजंका, दोकट्टा से आता है.  जनता के हक और अधिकार से जुड़े सवालों को लेकर जब मेरे पति जनता को जागरूक कर रहे हैं, तो जिला प्रशासन ने उनकी आवाज को दबाने के लिए उन पर सीसीए लगा दिया. लेकिन ऐसा करने के पीछे मुख्य कारण यह है कि  एसीसी प्रबंधन को लीज विस्तारीकरण करना है और F3 ब्लॉक की लीज लेनी है. इसमें  दिक्कत न हो, इसलिए योजनाबद्ध तरीके से जॉन मिरन मुंडा पर सीसीए की धाराएं लगाकर 102 किलोमीटर दूर जराईकेला थाना में हाजरी लगाने का आदेश दिया गया है. पुष्पा की मांगग है कि  उसके पति के ऊपर लगे CCA एवं झींकपानी, टोंटो थाना में दर्ज मामलों की CBI से जांच कराई जाये. उसने  2003 से अबतक झींकपानी तथा टोंटो थाना में पदस्थापित थाना प्रभारियों की संपत्ति की भी जांच कराने की मांग की है.

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